News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - जनपद में रिश्वतखोरी के मामलों पर लगाम लगती नहीं दिख रही है। ताजा मामला मंडी समिति हापुड़ से जुड़ा सामने आया है, जहां गढ़मुक्तेश्वर थाना पुलिस ने मंडी इंस्पेक्टर गौरव चौहान के खिलाफ रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगने पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने विभागीय खाते की जगह अपने निजी बैंक खाते में रुपए ट्रांसफर कराए। मामले में पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 व 13 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, घटना 8 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। उस समय इंस्पेक्टर गौरव चौहान ने गढ़ कोतवाली क्षेत्र में मंडी से निकल रहे एक ट्रक को रोक लिया। ट्रक चालक जितेंद्र कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर ने कागजातों में कमी बताकर 1.36 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने की बात कही।
बाद में कथित “सेटलमेंट” के तहत चालक से 20-20 हजार रुपये की दो किस्तें उसके निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गईं। इतना ही नहीं, करीब 9,500 रुपये एक अन्य व्यक्ति मुकेश के खाते में भी जमा कराए गए।जब चालक ने रसीद देने और ट्रक छोड़ने की मांग की, तो इंस्पेक्टर ने वाहन छोड़ने से मना कर दिया और कथित रूप से अधिक पैसे की मांग जारी रखी। ट्रक मालिक यचित सरोहा (निवासी नई दिल्ली) ने इस घटना की शिकायत गढ़ कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मंडी इंस्पेक्टर गौरव चौहान के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
गढ़मुक्तेश्वर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच की जा रही है। बैंक लेन-देन, मोबाइल ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मेरठ रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी थानों और विभागीय इकाइयों को सतर्क रहने और सरकारी लेनदेन में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। डीआईजी स्तर पर भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि विभागीय जांच आगे बढ़ाई जा सके।
मंडी क्षेत्र के व्यापारियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे भ्रष्टाचार के मामलों से ईमानदार कारोबारियों और परिवहन व्यवसायियों का पुलिस पर से विश्वास कम होता है। हापुड़ में लगातार सामने आ रहे रिश्वतखोरी के मामले यह दर्शाते हैं कि प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और कठोर कार्रवाई ही जनता का भरोसा बहाल कर सकती है।















Post a Comment