हापुड़ में दो किलोमीटर रास्ता बंद, मरीजों व बुजुर्गों को हो रही परेशानी, आजाद समाज पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
न्यूज एक्सपर्ट - सुशील शर्मा
हापुड़ - कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर हापुड़ में कई मुख्य मार्गों को बांस-बल्लियों से एक तरफा रूप से बंद कर देने से स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। खासकर बुलंदशहर रोड से चितौली मोड़ तक करीब दो किलोमीटर लंबे क्षेत्र में मार्ग अवरोध ने आमजन की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। इसको लेकर आजाद समाज पार्टी (काशीराम) ने मोर्चा खोलते हुए एएसपी विनीत भटनागर को ज्ञापन सौंपा और तत्काल वैकल्पिक रास्ते खोलने की मांग की।
रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा असर, मरीजों की परेशानी बढ़ी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि तहसील चौराहे से चितौली मोड़ तक एक तरफ से रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे कोठी गेट, पुराना बाजार, कोटला मेवातियान, सिकंदर गेट, मोती कॉलोनी और आवास विकास जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है।
दुकानदारों, दफ्तर जाने वालों, मजदूरों और स्कूली बच्चों के साथ-साथ मरीजों व बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने में भी भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक मार्ग बंद कर देना जनहित के खिलाफ है।
पुलिस बल तैनाती की मांग
आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि कोठी गेट, जदीद पुलिस चौकी, पुरानी चुंगी और आवास विकास कॉलोनी के रास्तों को तुरंत खोला जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ आमजन की सहूलियत भी जरूरी है।
सुनील कुमार ने यह भी कहा कि "हमारी मांग है कि इन स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात की जाए ताकि आम जनता और कांवड़ यात्री दोनों सुरक्षित रह सकें।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद एएसपी विनीत भटनागर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे मामले की गंभीरता को समझते हैं और जल्द ही स्थानीय स्तर पर समाधान निकालने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सुविधा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा दोनों प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल हैं।
कांवड़ यात्रा एक पवित्र धार्मिक आयोजन है, लेकिन इसमें भाग लेने वालों की सुरक्षा के नाम पर आमजन को नजरअंदाज करना जनविरोध को जन्म दे सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की दैनिक जरूरतों का भी ध्यान रखे, जिससे समरसता बनी रहे।







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