साइबर क्राइम से सतर्क रहें, अनजान लिंक व कॉल से दूरी बनाएं
न्यूज एक्सपर्ट - सुशील शर्मा
हापुड़ - थाना हापुड़ नगर पुलिस की साइबर सेल टीम ने एक बार फिर साबित किया कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाए तो साइबर अपराधियों से भी आम जनता को राहत दिलाई जा सकती है। वैशाली कॉलोनी, मेरठ रोड निवासी अमित पुत्र जयप्रकाश से फोन-पे के माध्यम से हुई ₹67,836 की ठगी को साइबर टीम ने महज कुछ दिनों में पूरी रकम (100%) रिकवर करके पीड़ित को लौटा दी। इस सराहनीय कार्य के बाद पीड़ित परिवार ने हापुड़ पुलिस का आभार जताया।
साइबर सेल की तत्परता से मिली राहत
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित के खाते से धोखाधड़ी कर ₹67,836 रुपये निकाल लिए गए थे। पीड़ित की शिकायत पर थाना हापुड़ नगर की साइबर टीम ने त्वरित जांच करते हुए संबंधित बैंक व डिजिटल प्लेटफॉर्म से समन्वय बनाकर पूरी रकम रिकवर कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने से यह कार्य संभव हो सका।
साइबर ठगी के बढ़ते मामले, सतर्क रहने की जरूरत
साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ठग फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक, मोबाइल ऐप्स या सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं। कई बार लोग लालच, डर या जानकारी की कमी के चलते खुद ही ओटीपी, सीवीवी, पिन जैसी गोपनीय जानकारी साझा कर बैठते हैं।
साइबर क्राइम से कैसे बचें?
पुलिस विभाग व साइबर विशेषज्ञों द्वारा निम्न सावधानियों को अपनाने की सलाह दी जाती है:
✅ किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
✅ बैंक या UPI से संबंधित जानकारी (OTP, PIN, पासवर्ड, CVV) किसी से भी साझा न करें – बैंक भी कभी नहीं मांगता।
✅ अगर किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाए – पहले सोचें, क्लिक करने से पहले जांचें।
✅ सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर भेजे गए लॉटरी, ऑफर या इनाम वाले मैसेज से सावधान रहें।
✅ अगर खाते से कोई धोखाधड़ी होती है तो तुरंत 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
साइबर सेल की अपील: सतर्क रहें, जागरूक बनें
हापुड़ साइबर सेल ने आमजन से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दें।
साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे में जरूरत है जागरूकता और संयम की, जिससे आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
कोई भी व्यक्ति यदि ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल से संपर्क करना चाहिए। देर करने से रिकवरी की संभावना कम हो जाती है।








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