News Expert - Ajay Verma
हापुड़ - स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हापुड़ ने नया इतिहास रच दिया है। जिले का नाम अब राष्ट्रीय पटल पर और भी अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त कर गया है। जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को 1130 बेड्स के लिए NABH (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) की मान्यता प्राप्त हुई है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल करने वाला यह इस क्षेत्र का पहला अस्पताल बन गया है।
सेवाओं की गुणवत्ता का प्रमाण
अस्पताल के सचिव डॉ. अंकित शर्मा ने कहा कि NABH एक्रेडिटेशन अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता का प्रमाण है। उन्होंने कहा— “यह उपलब्धि हमारे लिए गर्व का विषय है। इससे न केवल अस्पताल की पहचान मजबूत हुई है, बल्कि हमें अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को और आधुनिक व उत्कृष्ट बनाने की प्रेरणा भी मिलेगी। हमारे क्रिटिकल केयर बेड्स लगभग हमेशा भरे रहते हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि लोग हम पर विश्वास करते हैं और हमारी सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं।”
सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस
जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल आज सुपर स्पेशियलिटी विभागों से सुसज्जित है। यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, कैंसर उपचार और आपातकालीन चिकित्सा जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की बदौलत प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर मिलेगी चिकित्सा सुविधा
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि NABH एक्रेडिटेशन मिलने से सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता और मजबूत होगी। मरीजों को अब विश्वास रहेगा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो रही है।
डॉ. शर्मा ने आगे कहा “हमारी प्राथमिकता केवल इलाज करना नहीं, बल्कि समाज को यह विश्वास दिलाना भी है कि उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अब दिल्ली या बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहीं। जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हम मरीजों को बेहतर उपचार, समय पर सेवा और वह भी किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
स्थानीय लोगों में खुशी की लहर
इस बड़ी उपलब्धि से स्थानीय निवासियों और मरीजों ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि हापुड़ जैसे क्षेत्र में NABH मान्यता प्राप्त 1130 बेड वाला अस्पताल होना समाज के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। अब मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें नजदीक ही उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी।







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