NEWS EXPERT - SUSHIL SHARMA
नगर निगम क्षेत्र के 12 वार्डों के 14 मोहल्लों में जल निगम द्वारा पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग दो महीने से ठप पड़ा है। जून माह में करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई इस योजना में बारिश बड़ी बाधा बन गई है। अब निगम अधिकारियों का कहना है कि 15 सितंबर से काम दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
योजना के तहत 77 किमी लाइन और दस हजार कनेक्शन
अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत निगम ने जून में रामपुर रोड पर दो ट्यूबवेल की बोरिंग शुरू कराई थी। इसके साथ ही 12 वार्डों के 14 मोहल्लों में 77 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने, नई पानी की टंकी बनाने और लगभग दस हजार घरों को नए कनेक्शन देने की तैयारी की गई थी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि इस साल के अंत तक उनकी पानी की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन जुलाई में शुरू हुई लगातार बारिश से काम बीच में ही रुक गया।
पुराने मोहल्लों में बदबू और कम प्रेशर की समस्या
कई मोहल्लों में वर्षों पुरानी पाइपलाइनें जर्जर हो चुकी हैं। इसी कारण लोगों को बदबूदार पानी और कम प्रेशर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नई पाइपलाइन बिछने के बाद इन शिकायतों का समाधान हो सकेगा। फिलहाल बरसात थमने का इंतजार करना होगा।
इन वार्डों और मोहल्लों में होगा काम
योजना के अंतर्गत वार्ड संख्या 2, 6, 9, 12, 15, 18, 20, 21, 24, 26, 39 और 40 में पाइपलाइन डाली जाएगी। इसके अंतर्गत चमरी, बैंक कॉलोनी, लज्जापुरी, आदर्शनगर कॉलोनी, गणेशपुरा, हर्ष विहार, शिवगढ़ी, राजीव विहार, गांधी विहार, अलीनगर, करीमपुरा, आवास विकास कॉलोनी, संजय विहार, रफीकनगर, न्यू छज्जूपुरा और भैरों मंदिर क्षेत्र के मोहल्ले शामिल हैं।
दो माह की देरी से बढ़ी लोगों की परेशानी
बारिश के चलते न तो खुदाई हो सकी और न ही पाइपलाइन डालने का कार्य आगे बढ़ पाया। इस कारण मोहल्लों में पानी की किल्लत बनी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि 15 सितंबर से काम दोबारा शुरू होने के बाद जल्द ही उन्हें राहत मिलेगी।








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