News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - जिले की तीर्थनगरी ब्रजघाट में शुक्रवार दोपहर गंगा नदी के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा में अस्थि विसर्जन के लिए गई श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट अचानक पलट गई। नाव में एक मासूम बच्चे समेत पांच लोग सवार थे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद अन्य नाविकों ने तत्परता दिखाई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रशासन की रोक के बावजूद चली नाव
गौरतलब है कि इस समय गंगा नदी का जलस्तर रेड अलर्ट से ऊपर बह रहा है। इसी कारण प्रशासन ने नदी में नाव संचालन पर रोक लगा रखी है। बावजूद इसके, कुछ नाविक बिना लाइफ जैकेट और अनुमति के श्रद्धालुओं को नदी में उतार रहे हैं। यही लापरवाही शुक्रवार को एक बड़ा हादसा कर सकती थी।
बीच नदी में पलटी नाव
हरियाणा के झज्जर जिले के झारली गांव निवासी आज़ाद और सुनील अपने परिजनों रमेश, जगदीप और आठ वर्षीय बालक रविंद्र के साथ ब्रजघाट पहुंचे थे। वे अपनी माता प्रेमो देवी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने आए थे। पांचों लोग नाव में सवार होकर नदी के बीच पहुंचे, लेकिन नाव चालक ने किसी को भी लाइफ जैकेट नहीं दी। अचानक नाव अनियंत्रित होकर पलट गई और सभी श्रद्धालु गहरे पानी में गिर पड़े।
गंगा किनारे मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो आसपास के नाविक तुरंत अपनी नाव लेकर मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पांचों लोगों की जान बचा ली। हादसे के बाद श्रद्धालु सहमे हुए नजर आए।
प्रशासन में हड़कंप, नाविक पर कार्रवाई की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली गढ़मुक्तेश्वर प्रभारी नीरज कुम पुलिस बल के साथ और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि संबंधित नाविक की पहचान की जा रही है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और नाव संचालन पर लगी रोक के दौरान नदी में उतरने से बचें।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना ने एक बार फिर ब्रजघाट जैसे भीड़भाड़ वाले तीर्थ स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने नाव संचालन पर रोक लगाई है, तो फिर कुछ नाविक खुलेआम यात्रियों को नदी में क्यों ले जा रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती बरती जाए और दोषियों पर उदाहरणात्मक कार्रवाई हो।








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