News Expert - Sushil Sharma
हापुड़। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी के आदेश पर राशनकार्ड सत्यापन और ई-केवाईसी अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इस दौरान ऐसे लाभार्थियों की पहचान की जा रही है, जो नियमों के विपरीत राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार जिले में 33,369 लाभार्थियों की सूची जांच के दायरे में है। सत्यापन में यदि कोई कार्डधारक पात्रता मानकों पर खरा नहीं उतरता तो उसका नाम सूची से काट दिया जाएगा।
सत्यापन सूची में मिले कई चौंकाने वाले तथ्य
तैयार की गई सूची में अलग-अलग श्रेणियों के लाभार्थी सामने आए हैं। इनमें—
8,647 परिवार ऐसे हैं जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक है।
7,550 परिवार 3 लाख रुपये से अधिक आय वर्ग में आते हैं।
85 लाभार्थी 25 लाख रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले पाए गए हैं।
1,767 लोग इंटर-स्टेट डुप्लीकेट राशन कार्ड धारक हैं।
11 लाभार्थी ऐसे हैं जिनकी आयु 100 वर्ष दर्ज है।
1,005 कार्डधारक 12 माह से अधिक समय से राशन नहीं ले रहे।
1,125 किसान पीएम किसान योजना के तहत 5 एकड़ से ज्यादा भूमि रखने वाले हैं।
2,967 वाहन स्वामी और 177 आधार डीसिस्ट कार्डधारक भी सूची में शामिल हैं।
48,995 यूनिट पहले ही डिलीट
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा बालियान ने बताया कि अपात्र लोगों की पहचान कर उनके राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। अब तक जिले में 48,995 यूनिट पहले ही हटाई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि खाद्यान्न का लाभ केवल उन्हीं परिवारों तक पहुंचे, जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में अब तक 85.10 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। शेष लाभार्थियों को 31 अगस्त 2025 तक अपने नजदीकी उचित दर विक्रेता से ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सत्यापन के बाद अपात्र लोगों के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे और केवल पात्र परिवारों को ही राशन का लाभ मिलेगा।






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