News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में शुक्रवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव के ही कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अजीत ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि 17 बीघा जमीन को बुआई के लिए ठेके पर देने को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ था। गुस्से में आकर अजीत ने शराब के नशे में तमंचा निकालकर पिता पर गोली चला दी। मौके पर ही बुजुर्ग की मौत हो गई।
मौके पर हड़कंप, पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी जितेंद्र शर्मा, थाना प्रभारी महेंद्र सिंह फोर्स और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है।
परिवार में पसरा मातम
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक राममेहर सिंह (83) अपनी पत्नी शकुंतला, पुत्रवधू गीता और पोते हिमांशु के साथ रहते थे। उनके तीन बेटे थे। बड़ा बेटा प्रवीण मुरादाबाद में रहता है, जबकि मंझले बेटे विनोद की करीब 25 साल पहले हत्या हो चुकी थी। सबसे छोटा बेटा अजीत अविवाहित है और आए दिन परिवार से झगड़ा करता था।
हिस्ट्रीशीटर और भगोड़ा सिपाही है आरोपी
अजीत का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है। वह बाबूगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर होने के साथ-साथ दिल्ली पुलिस से भगोड़ा सिपाही भी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और गोलीबारी जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। 2006 में रालोद नेता बबली त्यागी की हत्या, व्यापारी पर हमला, मुजफ्फरनगर व बुलंदशहर में हत्या और 2020 में बीबीनगर थाने में दर्ज हत्या का मामला भी इसमें शामिल है।
पुलिस बोली– जल्द पकड़ा जाएगा आरोपी
एएसपी विनीत भटनागर ने बताया कि घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।







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