News Expert - Sushil Sharma
मेरठ - आगामी दिनों में बारावफात और गणेशोत्सव जैसे बड़े धार्मिक पर्व होने जा रहे हैं। इन त्योहारों के दौरान भारी भीड़, शोभायात्राएं और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों को देखते हुए मेरठ रेंज की पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि त्योहारों पर किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बारावफात पर विशेष सुरक्षा प्रबंध
बारावफात के मौके पर परिक्षेत्र में 1672 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें 05 अपर पुलिस अधीक्षक, 23 सीओ, 65 निरीक्षक, 300 उपनिरीक्षक, 482 मुख्य आरक्षी, 505 आरक्षी, 340 होमगार्ड/पीआरडी और एक कंपनी पीएसी शामिल है।
कुल जुलूस: 35
कुल मजलिस: 11
मेरठ : 5 जुलूस, 6 मजलिस
बुलंदशहर : 28 जुलूस, 3 मजलिस
हापुड़ : 2 जुलूस, 2 मजलिस
हॉटस्पॉट: 34 (मेरठ-10, बुलंदशहर-22, हापुड़-02)
त्यौहारों से पहले पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 113 बैठकें पीस कमेटी और धर्मगुरुओं के साथ, 113 बैठकें अन्य विभागों के साथ और 92 बैठकें आयोजकों के साथ कर ली हैं।
गणेशोत्सव मूर्ति विसर्जन पर कड़ा पहरा
गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन और शोभायात्राओं की सुरक्षा के लिए 1753 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें 06 अपर पुलिस अधीक्षक, 23 सीओ, 59 निरीक्षक, 318 उपनिरीक्षक, 482 मुख्य आरक्षी, 530 आरक्षी, 335 होमगार्ड/पीआरडी और 02 प्लाटून पीएसी शामिल है।
घाटों की संख्या: 32
मूर्ति विसर्जन: 144 प्रतिमाएं
मेरठ : 07 घाट, 44 मूर्तियां
बुलंदशहर : 12 घाट, 32 मूर्तियां
बागपत : 10 घाट, 54 मूर्तियां
हापुड़ : 03 घाट, 14 मूर्तियां
शोभायात्राएं: 185
मेरठ : 56
बुलंदशहर : 45
बागपत : 68
हापुड़ : 16
हॉटस्पॉट: 115
संवेदनशील स्थान: 89
इनके लिए पुलिस ने 24 जोन, 81 सेक्टर और 52 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) तैयार की हैं।
डीआईजी नैथानी की सख्त हिदायतें
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और पुलिस बल को साफ निर्देश दिए हैं
सभी जुलूस मार्गों और मजलिस स्थलों का भौतिक निरीक्षण अनिवार्य।
रास्तों पर लटक रहे तार, छतों पर रखे पत्थर या बोतल जैसी चीजें हटवाना जरूरी।
हर चौकी स्तर पर पीस कमेटी की बैठक और आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए कॉन्टिजेंसी प्लान तैयार।
संवेदनशील स्थानों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस पिकेट की तैनाती।
थाना-चौकी के फोर्स को हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस रखने का आदेश।
भीड़-भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई।
बारावफात पर आतिशबाजी से आग या दुर्घटना की संभावना के मद्देनजर विशेष सतर्कता।
विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी, चेतावनी बोर्ड और गोताखोरों की टीम की व्यवस्था।
जनता में भरोसा, अपराधियों में खौफ
डीआईजी नैथानी की कार्यशैली का असर साफ दिख रहा है। त्योहारों से पहले ही पुलिस ने धर्मगुरुओं, संभ्रांत व्यक्तियों और आयोजकों के साथ लगातार बैठकों का दौर चलाकर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया है। वहीं, अपराधियों व असामाजिक तत्वों में पुलिस की सख्ती को लेकर खौफ देखा जा रहा है।
डीआईजी ने कहा कि “त्योहार आस्था और भाईचारे का प्रतीक हैं। हमारा उद्देश्य है कि हर पर्व शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हो। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस प्रशासन की पूरी तैयारी है, जनता निश्चिंत होकर पर्व मनाए।”









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