News Expert - Sushil Sharma
हापुड़। सड़क हादसों पर रोक लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ माह पहले ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ अभियान शुरू किया था। शुरुआती दिनों में इस अभियान का असर भी देखने को मिला। पेट्रोल पंप कर्मियों ने नियमों का पालन करते हुए बिना हेलमेट आए लोगों को पेट्रोल देना बंद कर दिया। लेकिन समय बीतने के साथ ही लोगों में लापरवाही लौट आई और एक बार फिर बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने पहुंचने लगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब इस अभियान को दोबारा सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। शासन स्तर से साफ कहा गया है कि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक बिना हेलमेट किसी भी वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। हिदायत के बावजूद पेट्रोल पंपों पर रोजाना कई वाहन चालक बिना हेलमेट पहुंच रहे हैं।
ऐसे चालकों को जब पंप कर्मी पेट्रोल देने से मना करते हैं तो वहां बहस और हंगामे की स्थिति बन जाती है। पंपकर्मी नियमों का हवाला देकर पेट्रोल देने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन वाहन चालक जिद पर अड़े रहते हैं। कुछ जगह तो यह तक देखने को मिला कि चालक दूसरे ग्राहकों से हेलमेट मांगकर केवल पेट्रोल भरवाने के लिए कतार में खड़े हो गए।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों का कहना है कि वे शासन के आदेश का पालन कर रहे हैं। मगर रोजाना उन्हें ग्राहकों की नाराजगी, बहसबाजी और कभी-कभी गाली-गलौज तक झेलनी पड़ती है। उनका कहना है कि प्रशासन को पंपों पर सुरक्षा इंतजाम भी कराने चाहिए, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य जनता की सुरक्षा है। सड़क हादसों में सबसे अधिक जानें बिना हेलमेट के जाती हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की पहल सराहनीय है। लेकिन जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए नियमों का पालन करना होगा।









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