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ड्रोन से निगरानी, जोन-सेक्टर में तैनाती, सोशल मीडिया पर पैनी नजर, कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस का फुल प्लान

ड्रोन से निगरानी, जोन-सेक्टर में तैनाती, सोशल मीडिया पर पैनी नजर, कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस का फुल प्लान

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और शांति व्यवस्था के लिए ज़मीनी स्तर पर हो रहा काम, सोशल मीडिया से लेकर ड्रोन तक रखी जा रही पैनी नजर

सुशील शर्मा 

हापुड़/मेरठ - श्रावण मास की कांवड़ यात्रा जैसे-जैसे करीब आ रही है, मेरठ परिक्षेत्र के चारों जनपद—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत—में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार यात्रा की रूपरेखा और व्यवस्थाएं डीआईजी कलानिधि नैथानी के निर्देशन में विशेष रूप से बनाई गई हैं, जो कि उनकी योजनाबद्ध, सक्रिय और संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाती हैं।

🔹 डीआईजी ने बनाई विस्तृत योजना, हर छोटी बात का रखा ध्यान

डीआईजी श्री कलानिधि नैथानी के नेतृत्व में पुलिस ने इस बार न सिर्फ सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा, ठहराव, ट्रैफिक, और आपात स्थितियों तक के लिए पूरी रणनीति तैयार की है। उनका साफ कहना है कि "श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।"


🔹 पूरे रूट को 57 जोन और 155 सेक्टर में बांटा गया

कांवड़ यात्रा मार्ग को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर वहां अलग-अलग पुलिस अधिकारी व बल की तैनाती की जा रही है, ताकि कहीं भी भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

🔹 838 शिविर, 119 बैरियर और 184 विश्राम स्थल तैयार

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत में कुल 838 शिविर लगाए जाएंगे। पुलिस बल के रुकने के लिए 184 विश्राम स्थल तैयार हैं। यात्रा मार्ग पर 119 जगहों पर बैरियर लगाए जाएंगे।

🔹 ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, सोशल मीडिया पर सख्ती

इस बार यात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। हर ज़ोन में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां से 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी होगी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक खबर या अफवाह फैलाकर माहौल खराब न कर सके।

🔹 डीआईजी का साफ संदेश — “सेवा भाव से करें ड्यूटी”

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा सिर्फ एक सुरक्षा ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है। उन्होंने कहा कि "हर पुलिसकर्मी अपने व्यवहार से श्रद्धालुओं में विश्वास पैदा करे, यही असली सुरक्षा है।"


🔹 महिला सुरक्षा और खोया-पाया केंद्रों पर भी फोकस

महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष महिला पुलिस बल की तैनाती होगी और हर ज़ोन में खोया-पाया केंद्र बनाए जा रहे हैं ताकि कोई बच्चा, व्यक्ति या सामान खो जाए तो मदद मिल सके।

🔹 सभी विभागों से सामंजस्य के साथ चल रहा काम

नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, रेलवे, टोल प्लाजा प्रबंधन आदि के साथ डीआईजी स्तर से लेकर थाना स्तर तक बैठकें हो रही हैं ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।



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