📰 ऑपरेशन विवेचना में सख्ती: पर्यवेक्षण में लापरवाही को लेकर डीआईजी ने दी चेतावनी
डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी के निर्देशन में चल रहे "ऑपरेशन विवेचना" अभियान के अंतर्गत परिक्षेत्र के जनपदों में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा में सदर देहात (मेरठ) और अनूपशहर (बुलन्दशहर) सर्किल का प्रदर्शन निराशाजनक पाया गया, जिस पर दोनों क्षेत्राधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
🔍 कहीं सराहना तो कहीं सवाल
✅ अच्छा प्रदर्शन:
सिकन्द्राबाद (बुलन्दशहर): 384 में से 301 विवेचनाएं शेष
हापुड़ नगर: 332 में से घटकर 231 विवेचनाएं
सरधना (मेरठ): 269 में से 217 विवेचनाएं शेष
❌ निराशाजनक प्रदर्शन:
सदर देहात (मेरठ): 268 से बढ़कर 276 विवेचनाएं
अनूपशहर (बुलन्दशहर): 136 से बढ़कर 172 विवेचनाएं
👮♂️ पर्यवेक्षण में लापरवाही को लेकर चेतावनी
डीआईजी ने स्पष्ट किया कि विवेचकों की संख्या परिक्षेत्र में पर्याप्त है, फिर भी कुछ सर्किलों में विवेचना निस्तारण की रफ्तार धीमी है, जो अपर्यवेक्षण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बेहतर पर्यवेक्षण से ही समयबद्ध और गुणवत्तापरक विवेचना संभव है।
📊 पुलिस बल की स्थिति (परिक्षेत्र अनुसार):
मेरठ: 90 निरीक्षक, 1161 उपनिरीक्षक
बुलन्दशहर: 77 निरीक्षक, 683 उपनिरीक्षक
बागपत: 51 निरीक्षक, 297 उपनिरीक्षक
हापुड़: 48 निरीक्षक, 480 उपनिरीक्षक
➡️ कुल: 266 निरीक्षक, 2621 उपनिरीक्षक
👉 औसतन एक विवेचक पर तीन से कम विवेचनाएं होनी चाहिए।
📌 डीआईजी के निर्देश:
🎯 विवेचनाओं का टास्क के अनुसार आवंटन करें
🕵️♂️ लंबित मामलों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें
⚖️ जनता को समय पर न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता
🗣️ डीआईजी श्री नैथानी ने कहा:
“समयबद्ध विवेचना से न केवल जनता को न्याय मिलेगा, बल्कि पुलिस पर लगने वाले आरोपों में भी कमी आएगी।”

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