क्षेत्राधिकारी नगर से भी स्पष्टीकरण तलब, निरोधात्मक कार्रवाई में भारी कमी पर नाराज हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी
सुशील शर्मा
हापुड़ - मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी की अगुवाई में 20 जून 2025 को जनपद हापुड़ में हुई अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में उस समय नाराजगी सामने आई, जब यह पाया गया कि थाना हापुड़ नगर व थाना बाबूगढ़ में निरोधात्मक कार्रवाई—जैसे गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, एनडीपीएस, आबकारी एवं शस्त्र अधिनियम के तहत—अप्रत्याशित रूप से कम की गई है।
डीआईजी ने स्पष्ट किया कि पूर्व में निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रभारी निरीक्षक हापुड़ नगर मुनीश प्रताप सिंह और तत्कालीन थाना प्रभारी बाबूगढ़ विजय कुमार गुप्ता द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई में कोई रुचि नहीं ली गई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
क्षेत्राधिकारी नगर को भी नहीं बख्शा गया
थाना हापुड़ नगर, हापुड़ देहात व बाबूगढ़ जैसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में निरोधात्मक कार्रवाई में भारी गिरावट मिलने पर क्षेत्राधिकारी नगर से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि पर्यवेक्षण की कमजोरी अपराध वृद्धि का बड़ा कारण बन सकती है।
डीआईजी ने दिया कड़ा संदेश
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा:
"निरोधात्मक कार्रवाई में कमी अपराधियों का मनोबल बढ़ाती है। यदि पुलिस समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करे, तो इसका सीधा असर अपराध दर पर पड़ता है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपराधियों के विरुद्ध अधिक से अधिक निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
डीआईजी की सख्ती के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिन थानों में कार्रवाई का स्तर कमजोर पाया गया है, वहां अब तेजी से रिपोर्ट तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

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