दो नवजात शिशुओं की मौत, सीएमओ ने शुरू की जांच, परिजनों से ली जानकारी
सीएचसी सिखेड़ा में स्टाफ की लापरवाही पर उठे सवाल, सीएमओ बोले— दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सुशील शर्मा
हापुड़ - जनपद हापुड़ के सिंभावली क्षेत्र में दो नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने मृत शिशुओं के परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
🔹 सिखेड़ा सीएचसी पर डॉक्टर नदारद, नर्स ने कराई डिलीवरी
पहला मामला सिखेड़ा गांव निवासी अभिषेक की पत्नी प्रीति से जुड़ा है, जिसे सोमवार को डिलीवरी के लिए सिखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। परिजनों के अनुसार, उस समय महिला चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं थीं और एक नर्स द्वारा ही नॉर्मल डिलीवरी कराई गई।
डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल हापुड़ रेफर किया गया, लेकिन वहां समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण नवजात की मौत हो गई।
🔹 टॉर्च की रोशनी में कराई डिलीवरी, रास्ते में गई जान
दूसरी घटना कुचेसर रोड चौपला निवासी राहुल की पत्नी प्रियंका के साथ हुई। परिजनों ने बताया कि रात 10 बजे प्रसव के दौरान बिजली चली गई थी, और ऐसे में टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी कराई गई। नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
प्रियंका ने बताया कि "मेरे ससुर की दो हफ्ते पहले ही हार्ट अटैक से मौत हुई थी, अब यह दूसरी बड़ी त्रासदी हमारे परिवार पर टूट पड़ी है।"
🔹 सीएमओ ने मृतकों के घर पहुंचकर सुनी पीड़ा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने पीड़ित परिजनों के घर पहुंचकर उनकी बात सुनी और घटना की गंभीरता को स्वीकारते हुए पूरी जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा "डिलीवरी के बाद बच्चों की धड़कन और ऑक्सीजन स्तर सामान्य नहीं था। दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। मामले की जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
📌 दोनों मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और संसाधनों की कमी पर फिर से बहस छेड़ दी है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग जांच में जुट गया है।

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