गोली लगे युवक की भूमिका पर सवाल, अब मजिस्ट्रेटी जांच खोलेगी मुठभेड़ का सच
सुशील शर्मा
हापुड़ - जनपद हापुड़ के निजामपुर तिराहे के पास 28 मई की रात यूपी एसटीएफ नोएडा यूनिट और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के बीच बदमाशों से हुई मुठभेड़ के मामले में अब मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी गई है। इस मुठभेड़ में गोली लगने से ग्राम जावली, लोनी (गाजियाबाद) निवासी नवीन कुमार पुत्र सेवाराम घायल हो गया था।
जिलाधिकारी हापुड़ के आदेश पर न्यायिक उपजिलाधिकारी गढ़मुक्तेश्वर रमेश चंद्र पांडेय को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो घटना की हर पहलू से पड़ताल करेंगे।
📌 5 जुलाई तक प्रस्तुत कर सकते हैं साक्ष्य
एसडीएम (न्यायिक) रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि यदि इस मुठभेड़ के संबंध में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या आमजन के पास लिखित, मौखिक, ऑडियो या वीडियो साक्ष्य हों, तो वे 5 जुलाई 2025 तक न्यायालय उपजिलाधिकारी (न्यायिक), गढ़मुक्तेश्वर में किसी भी कार्यदिवस पर प्रस्तुत कर सकते हैं। यह जांच इस बात को स्पष्ट करेगी कि मुठभेड़ की परिस्थितियाँ क्या थीं, गोलीबारी का कारण क्या रहा, और घायल युवक नवीन कुमार की भूमिका क्या थी।
🧨 घटना की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 28 मई की रात निजामपुर तिराहे के पास एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त कार्रवाई के दौरान बदमाशों से मुठभेड़ हो गई थी। इस दौरान नवीन कुमार को गोली लगी थी, जिसे पुलिस की अभिरक्षा में अस्पताल ले जाया गया।

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