एकलव्य सिंह का एलान – अब लूट नहीं सहेंगे किसान, हर ज़्यादती पर होगा हिसाब
सुशील शर्मा
हापुड़ - भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में लंबे समय से चल रहे संघर्ष और धरनों का असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है। युवा प्रदेश उपाध्यक्ष एकलव्य सिंह सहारा के नेतृत्व में किसानों की समस्याओं को लेकर जो मोर्चा खोला गया था, उसने प्रशासन को मजबूर कर दिया है कि वह खाद घोटालों और किसानों के शोषण पर सख़्ती से कार्रवाई करे।
2 जुलाई 2025 को जिला कृषि अधिकारी, हापुड़ द्वारा किसानों के हित में कई अहम निर्देश जारी किए गए, जिनका सीधा असर खाद बिक्री प्रणाली और डीलरशिप पर पड़ेगा।
✅ प्रशासन के नए निर्देशों के मुख्य बिंदु:
बिना सहमति के नैनो यूरिया, ज़िंक, सल्फर लेने का दबाव नहीं डाला जाएगा।
यूरिया और डीएपी की बिक्री केवल निर्धारित दर पर होगी, ओवररेटिंग करने पर कार्रवाई।
किसानों को जबरन अन्य उत्पाद बेचने पर FIR और लाइसेंस रद्द करने के निर्देश।
गुमराह करने वाले डीलरों पर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।
हर केंद्र पर रेट बोर्ड, स्टॉक जानकारी और शिकायत हेल्पलाइन का बोर्ड लगाना अनिवार्य।
किसी भी शिकायत पर तुरंत निरीक्षण और विधिक कार्यवाही सुनिश्चित।
💬 “ये तो बस शुरुआत है…” – एकलव्य सिंह सहारा
इस बड़ी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए युवा प्रदेश उपाध्यक्ष एकलव्य सिंह सहारा ने कहा,
"यह तो केवल पहली जीत है। अगर कहीं भी किसी किसान को लूटा गया, दबाया गया या गुमराह किया गया तो हम सड़कों पर होंगे। प्रशासन ने जो आदेश दिए हैं, हम उसका स्वागत करते हैं, लेकिन असली परीक्षा अमल की होगी।"
उन्होंने साफ किया कि भाकियू (टिकैत) किसानों के हक और सम्मान के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
👥 बैठक में मौजूद रहे किसान नेता:
यशवीर सिंह (मंडल सचिव), ललित चौधरी (मंडल सचिव), डॉ. मतलूब, आज़ाद तोमर, अखिल चौधरी, शोकीन प्रधान, भगत राम सिंह, अनिल चौधरी, मनिंदर सिंह, प्रिंस सिंह, परमजीत सिंह, आकाश चौधरी, अतुल चट्ठा, धर्मेंद्र सिंह, उज्जवल सिरोही, भानु सिद्धू, सुमित राजपूत सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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