अमन का पैगाम, सख्त इंतजाम: मोहर्रम को लेकर प्रशासन मुस्तैद
अवैध हथियार वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, ड्रोन से निगरानी के पुख्ता इंतजाम
सुशील शर्मा
हापुड़ - मोहर्रम के अवसर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। डीआईजी मेरठ रेंज श्री कलानिधि नैथानी ने रेंज के सभी जनपदों—मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ के अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। त्योहार पर अमन-चैन बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, ड्रोन कैमरों से निगरानी और पीस कमेटी की बैठकों सहित तमाम तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
574 ताजिये और 386 जुलूस होंगे संचालित
रेंज के चारों जनपदों में कुल 386 जुलूस निकाले जाएंगे, जिनमें 574 ताजिये शामिल होंगे। मेरठ में 112 जुलूसों में 134 ताजिये, बुलंदशहर में 228 जुलूसों में 370 ताजिये, हापुड़ में 41 जुलूसों में 65 ताजिये और बागपत में 5 जुलूसों में 5 ताजिये शामिल रहेंगे। वहीं कुल 98 स्थानों पर मजलिसों का आयोजन प्रस्तावित है।
51 स्थान चिन्हित, 59 QRT टीम तैनात
प्रशासन ने चारों जिलों में 51 स्थानों को संवेदनशील या हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है। इनमें मेरठ के 15, बुलंदशहर के 22, बागपत के 4 और हापुड़ के 10 स्थान शामिल हैं। सुरक्षा के लिए कुल 27 जोन, 88 सेक्टर और 59 क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) का गठन किया गया है।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए कुल 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 102 निरीक्षक, 432 उपनिरीक्षक, 697 मुख्य आरक्षी, 1345 आरक्षी, 682 होमगार्ड/पीआरडी व एक कंपनी पीएसी को तैनात किया गया है। भीड़भाड़ और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त व पिकेटिंग के निर्देश दिए गए हैं।
नई परंपरा पर सख्त रोक
डीआईजी नैथानी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा को अनुमति नहीं दी जाएगी। ताजियों की ऊंचाई मानक के अनुरूप होगी और जुलूस केवल निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे। जुलूस मार्गों से प्रतिबंधित पशुओं को हटाने, छतों से पत्थर, बोतल आदि हटाने और तारों की ऊंचाई की जांच कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन से निगरानी, सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। साथ ही, सभी थानों को सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त करने और आवश्यकता अनुसार नए कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखने के आदेश हैं, जिससे कोई अफवाह या भड़काऊ सामग्री वायरल न हो सके।
अफसरों को दिए गए विशेष निर्देश
डीआईजी नैथानी ने कहा कि हर थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी तय की गई है। चौकी स्तर पर भी पीस कमेटी की बैठकें कराई जा चुकी हैं। सभी थानों को पुराने रिकॉर्ड—त्योहार रजिस्टर, रजिस्टर नंबर 8 आदि का अध्ययन कर किसी प्रकार की गड़बड़ी से पहले ही निपटने को तैयार रहने के निर्देश हैं।
सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय योजना
त्योहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने हेतु पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत विभाग और अंजुमनों के साथ कुल 262 गोष्ठियां की जा चुकी हैं। साथ ही असामाजिक तत्वों की सूची अपडेट कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।

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