News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - बेटियां अब डरी-सहमी नहीं, आत्मविश्वास से भरी होंगी। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से महिला थाना प्रभारी अरुणा राय ने सोमवार को ग्राम टियाला में पहुंचकर स्कूल की छात्राओं और गांव की बेटियों को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाए। गांव के प्राथमिक व इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षिकाएं और ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में अरुणा राय ने खुद छात्राओं के बीच उतरकर उन्हें आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने बताया कि किसी भी संकट की स्थिति में कैसे अपने आस-पास की चीजों का उपयोग कर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। बच्चियों को सिखाया गया कि अगर कोई व्यक्ति छेड़छाड़ या अभद्रता की कोशिश करे, तो घबराने के बजाय तुरंत प्रतिक्रिया देना और शोर मचाना ही सबसे पहला बचाव है।
अरुणा राय ने कहा कि बेटियां कमजोर नहीं, बल्कि “शक्ति का स्वरूप” हैं। उन्हें बस खुद पर विश्वास रखना होगा। उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, डायल 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी सेवाओं के बारे में जानकारी दी और बताया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में वे तुरंत पुलिस से मदद ले सकती हैं।
“आज का समय ऐसा है जब हर बेटी को आत्मनिर्भर और आत्मरक्षक बनना जरूरी है। पुलिस केवल तब नहीं आती जब घटना हो जाती है बल्कि हमारा प्रयास यह है कि ऐसी घटनाएं हों ही नहीं। मिशन शक्ति अभियान का यही उद्देश्य है कि हर बेटी अपने अंदर वो आत्मविश्वास महसूस करे कि ‘मैं खुद अपनी रक्षा कर सकती हूं’। आज जिन बच्चियों ने प्रशिक्षण लिया है, वे कल अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। हमारी कोशिश है कि हर गांव और हर स्कूल में बेटियां इस तरह का प्रशिक्षण लें ताकि कोई भी व्यक्ति उनके सम्मान को ठेस न पहुंचा सके।”
“मिशन शक्ति अभियान सरकार की एक बहुत ही सराहनीय पहल है, जिसका उद्देश्य न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि उन्हें मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे हर परिस्थिति में खुद की रक्षा कर सकें। आज बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर हम सिर्फ उन्हें कुछ स्टेप्स नहीं सिखा रहे हैं, बल्कि उनके भीतर वो आत्मविश्वास जगा रहे हैं जो हर चुनौती का सामना करने की ताकत देता है। मैं चाहती हूं कि हमारी हर बेटी यह समझे कि वह किसी से कम नहीं है — वह खुद अपनी सुरक्षा कर सकती है, अपने अधिकार जानती है और किसी भी प्रकार की अभद्रता या छेड़छाड़ का डटकर मुकाबला कर सकती है।
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार मिशन शक्ति अभियान के तहत बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान को लेकर ठोस कदम उठा रही है। पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में जाकर जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि महिलाएं न केवल कानून की जानकारी रखें बल्कि अपनी रक्षा के व्यावहारिक तरीके भी सीखें। हमारा उद्देश्य यही है कि किसी भी बेटी को असुरक्षित महसूस न हो। जिस दिन हर बेटी आत्मविश्वास के साथ कहेगी कि ‘मुझे किसी से डर नहीं’, वही दिन मिशन शक्ति की वास्तविक सफलता होगी। अरुणा राय ने कहा सभी अभिभावकों से भी अपील करती हूं कि वे अपनी बेटियों को प्रोत्साहित करें, उन्हें खुलकर आगे बढ़ने दें और आत्मरक्षा के प्रशिक्षण में शामिल करें। क्योंकि सुरक्षित बेटी ही सशक्त समाज की नींव होती है।”
सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कई छात्राओं ने मंच पर आकर सीखे हुए स्टेप्स का प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के अंत में अरुणा राय ने सभी बच्चियों को आत्मरक्षा का नियमित अभ्यास करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की सलाह दी।
ग्रामीणों ने भी महिला थाना प्रभारी के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में जागरूकता का संदेश जाता है। “मिशन शक्ति के इस अभियान से अब गांव-गांव में जागी है ‘नारी शक्ति’ जो अब केवल अपने अधिकार नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी खुद उठा रही है।”
















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