News Expert - Sushil Sharma
मेरठ। कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए मेरठ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने शनिवार देर रात एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। यह बैठक गूगल मीट के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें एसएसपी बुलंदशहर दिनेश कुमार सिंह, सभी अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना/शाखा प्रभारी, यातायात निरीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में आगामी त्यौहार गणेश चतुर्थी और बारावफात पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, शिकायत पत्रों और चल रहे अभियानों की समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को कई सख्त निर्देश भी दिए गए।
त्योहारों पर अलर्ट
डीआईजी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में थाना प्रभारी जल्द से जल्द धर्मगुरुओं, संभ्रांत व्यक्तियों और पीस कमेटियों के साथ गोष्ठियां करें। मूर्ति स्थापना, जुलूस और पंडाल आयोजकों से वार्ता कर विवाद की संभावनाओं को पहले ही खत्म किया जाए। मूर्ति विसर्जन और बारावफात जुलूस आमने-सामने न आएं, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।
अपराधियों पर सख्ती
▪️ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्यवाही तेज की जाए।
▪️ 10 साल पुराने स्नेचर व हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का सत्यापन कर उनकी एचएस खोली जाए।
▪️ गोलीकांड और जघन्य अपराधों में त्वरित गिरफ्तारी की जाए।
▪️ लंबित हत्या और लूट के मामलों के अनावरण के लिए विशेष टीमें गठित की जाएं।
▪️ पॉक्सो, दहेज हत्या, बलात्कार और एससी/एसटी एक्ट के मामलों में प्राथमिकता से विवेचना कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी
बैठक में यह भी पाया गया कि खुर्जा नगर थाना क्षेत्र में 670 और कोतवाली देहात में 627 प्रकरण लंबित हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीआईजी ने एसपी नगर और एसपी देहात से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सभी सर्किल ऑफिसर अभियान चलाकर लंबित विवेचनाओं का निस्तारण कराएं।
ई-साक्ष्य और सोशल मीडिया पर जोर
डीआईजी ने कहा कि ई-साक्ष्य को एफआईआर से लिंक कराना डीजीपी की प्राथमिकता है, इसे हर हाल में लागू किया जाए। साथ ही, सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट पर तत्काल खंडन किया जाए।
ऑपरेशनों को और प्रभावी बनाने के निर्देश
बैठक में ऑपरेशन पहचान, ऑपरेशन विवेचना, ऑपरेशन एचएस, ऑपरेशन शस्त्र और ऑपरेशन जालसाज को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के आदेश दिए गए। साथ ही, ऑपरेशन कन्विक्शन को भी गति देने के निर्देश दिए गए ताकि अपराधियों पर कानून का शिकंजा और मजबूत हो सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि पुराने रंजिशन व जमीनी विवादों की पहले से पहचान कर निरोधात्मक कार्यवाही की जाए ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
डीआईजी नैथानी ने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था हर हाल में प्राथमिकता पर रहेगी, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







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