एक नहीं, दो-दो बेटियों ने रचा इतिहास — एक ही परिवार की बहनों का यूपी पुलिस में चयन, संघर्ष की मिसाल बनीं मां-बेटियां
📍हापुड़, 16 जून 2025 | सुशील शर्मा
हापुड़ जिले की बेटियों ने आज पूरे जनपद का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। ग्राम निजामपुर निवासी नेहा और प्रभा, तथा ग्राम बछलौता (थाना बाबूगढ़) निवासी गीता और साक्षी, दोनों बहनों की जोड़ियों का एक ही परिवार से उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन हुआ है। इन बेटियों ने सिर्फ वर्दी ही नहीं, अपने संघर्षों को भी सम्मान दिलाया है।
🔹 नेहा-प्रभा: संघर्ष की सीढ़ियों से सफलता तक
ग्राम निजामपुर की नेहा और प्रभा की कहानी हर उस परिवार के लिए प्रेरणा है जहाँ बेटियों के सपनों को हालात रोकने की कोशिश करते हैं। नेहा बताती हैं, “हमारे पिता की मृत्यु के बाद मां ने मजदूरी और मेहनत से हमें पढ़ाया, हिम्मत दी और आज हम दोनों बहनें पुलिस में चयनित होकर उनका सपना पूरा कर पाईं।”
नेहा ने लखनऊ में आयोजित भव्य नियुक्ति समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नियुक्ति पत्र प्राप्त किया और इसे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण बताया। हापुड़ लौटने पर थाना हापुड़ देहात के प्रभारी विजय गुप्ता ने दोनों बहनों को सम्मानित करते हुए कर्तव्य, अनुशासन और जनसेवा की सीख दी।
🔹 गीता-साक्षी: बेटियों की जीत, समाज को संदेश
थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम बछलौता की रहने वाली गीता और साक्षी, दोनों सगी बहनें भी अब यूपी पुलिस का हिस्सा बन गई हैं। इन दोनों बहनों ने अपने पिता देवेंद्र सिंह का नाम रोशन करते हुए कहा,“मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र पाना हमारे लिए सपने जैसा था। हम इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।”
🔹 युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बना ‘शेखर नागर’ परिवार
इसके साथ ही ग्राम उदयरामपुर नंगला थाना धौलाना निवासी शेखर नागर और उनके पिता यशपाल सिंह — पिता-पुत्र की जोड़ी का एक साथ यूपी पुलिस में चयन होना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
🎙️ थाना प्रभारी विजय गुप्ता बोले
"इन बेटियों और युवाओं ने पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। पुलिस की यह नई पीढ़ी समाज में सुरक्षा और विश्वास का नया अध्याय लिखेगी। हमारी शुभकामनाएं इनके साथ हैं।"
जब मां के आंसू मेहनत में बदलते हैं, तब बेटियों की उड़ान पुलिस वर्दी तक पहुंचती है। हापुड़ की ये कहानियाँ हर घर, हर गांव में प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

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