News Expert - Sushil Sharma
हापुड़। जनपद में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी को शातिराना तरीके से अपना शिकार बना डाला। ठगों ने भरोसा जीतकर उनसे करीब 10 लाख 50 हजार रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, हापुड़ नगर के कॉलोनी निवासी अरुण प्रकाश शर्मा पुत्र अशर्फी लाल शर्मा 30 जून 2025 को रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। पीड़ित ने बताया कि 23 अगस्त को उन्हें एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने पहले उनके व्हाट्सएप पर रिटायरमेंट से जुड़े दस्तावेज, जैसे पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) भेज दिए। कागजात असली जैसे लगने पर अरुण शर्मा को विश्वास हो गया कि कॉल रेलवे से संबंधित ही है।
इसके बाद कॉल करने वाले ने पेंशन प्रक्रिया पूरी करने का झांसा देकर उन्हें योनो ऐप इंस्टॉल करने और एटीएम कार्ड से तीन बार पिन डालने को कहा। जैसे ही पीड़ित ने बताए गए निर्देशों का पालन किया, उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 10 लाख 50 हजार रुपये उड़ गए।
▪️ पहले ट्रांजैक्शन में 5 लाख रुपये आईडीबीआई बैंक खाते में भेजे गए।
▪️ दूसरे ट्रांजैक्शन में 3 लाख रुपये कोटक महिंद्रा बैंक में हर्षित तिवारी नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुए।
▪️ तीसरे ट्रांजैक्शन में 2.5 लाख रुपये डिजिकॉम डीएयू के खाते में भेजे गए।
पीड़ित को आशंका है कि उनके रिटायरमेंट से जुड़े निजी दस्तावेजों की जानकारी कहीं न कहीं से लीक हुई है, संभव है कि डेटा चोरी मुरादाबाद डीआरएम कार्यालय से हुई हो।
इस मामले पर थाना साइबर क्राइम प्रभारी नजीर खान ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच तेज गति से की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
पुलिस ने आम लोगों को सचेत करते हुए अपील की है कि किसी भी तरह की कॉल या संदेश पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।








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