Top News

हापुड़ प्रशासन की रेड से हड़कंप, पानी वाले गेहूं का काला कारोबार उजागर


News Expert - Sushil Sharma 

हापुड़ - मोदीनगर रोड स्थित चौधरी शाकाहारी होटल पर बुधवार देर रात प्रशासनिक टीम ने छापेमारी कर आठ ट्रकों को पकड़ा, जिनमें राशन वितरण के लिए भेजा जा रहा गेहूं पानी डालकर गीला किया गया था। गेहूं की बोरियों से पानी टपकता देख अधिकारियों के होश उड़ गए।

सूत्रों के मुताबिक यह खेल नया नहीं है। करीब तीन महीने पहले एफसीआई गोदाम के बाहर भी गेहूं पर पानी डालते हुए वीडियो वायरल हुई थी, लेकिन उस मामले में विभागीय कार्यवाही खानापूर्ति बनकर रह गई थी। उस समय भी यह राज नहीं खुल पाया था कि आखिर गेहूं में पानी क्यों और किसके इशारे पर डाला जा रहा है।


कैसे हुआ खुलासा

बुधवार रात करीब 10 बजे जिलाधिकारी को सूचना मिली कि मोदीनगर रोड पर एक होटल पर गेहूं से भरे ट्रकों पर बाल्टियों से पानी डाला जा रहा है। सूचना पर एडीएम संदीप कुमार, एसडीएम इला प्रकाश, सीओ जितेंद्र शर्मा और कोतवाली प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। होटल के बाहर आठ ट्रक खड़े मिले। जांच की तो ज्यादातर ट्रकों में भरे गेहूं के बोरे गीले मिले। बोरों को खोलकर देखने पर पाया गया कि भीतर तक गेहूं में पानी भरा हुआ था।

वजन बढ़ाने के बाद चोरी की जाती थी खेप

सूत्रों का दावा है कि ट्रकों में पानी डालकर वजन पूरा किया जाता था और फिर उसके एवज में गेहूं की खेप चोरी कर ली जाती थी। यह गेहूं गाजियाबाद में राशन वितरण के लिए भेजा जा रहा था। सवाल यह है कि इतना बड़ा खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन खाद्य विभाग और एफसीआई कीआंखें मूंद हुई हैं।

पूर्ति अधिकारी के देर से पहुंचने पर तकरार

छापेमारी के दौरान एडीएम व एसडीएम की टीम करीब तीन घंटे तक जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा सिंह का इंतजार करती रही। बार-बार फोन करने के बावजूद वह मौके पर नहीं पहुंचीं।

करीब तीन घंटे बाद जब डॉ. सीमा सिंह आईं तो एडीएम ने देरी पर नाराजगी जताई। इस पर पूर्ति अधिकारी ने कहा “ना मुझे गाड़ी दी गई, ना ड्राइवर। मैं खुद अपनी गाड़ी चलाकर आई हूं, इसलिए देर हुई।” अधिकारियों के बीच यह नोकझोंक मौके पर मौजूद लोगों में चर्चा का विषय बनी गई।


1200 क्विंटल गेहूं हिरासत में

आठों ट्रकों में करीब 1200 क्विंटल गेहूं लदा था। सभी ट्रकों को हिरासत में लेकर कर मंडी भेजा गया है। गेहूं की बिल्टी के आधार पर जांच की जा रही है। प्रशासन ने मामले की सूचना गाजियाबाद अधिकारियों को भी दी है। सूचना पर गाजियाबाद से टीम आई और जांच में जुट गई।

पुराना मामला दबा, नया खेल बेनकाब

गौरतलब है कि तीन महीने पहले भी गेहूं में पानी मिलाने की शिकायत उजागर हुई थी। उस वक्त विभाग ने महज दिखावटी कार्रवाई कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। नतीजतन सिंडिकेट के हौसले बुलंद हो गए और अब वही खेल बड़े पैमाने पर दोहराया गया। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस पूरे सिंडिकेट का राज खोल पाएगा या एक बार फिर कार्रवाई का ढिंढोरा पीटकर मामला ठंडा कर दिया जाएगा।


हापुड़ की कई फ्लोर मिल पर होता है चोरी किया हुआ गेहूं सप्लाई

सूत्रों से खबर है कि ये चोरी किया हुआ गेहूं हापुड़ के कई फ्लोरमिल में काफी लंबे समय से सप्लाई हो रहा है। ये चोरी किया हुआ गेहूं हापुड़ के अलग अलग करीब 5 ठिकानों से सप्लाई के लिए निकलता है। ये सप्लाई देर रात 3 बजे से सुबह 6 बजे तक मीलों में की जाती है। इस सप्लाई में एक बात खास है कि जो रोजाना मीलों में चोरी किया हुआ गेहूं सप्लाई किया जाता है वो रोजाना अलग अलग गाड़ियों से किया जाता है जिससे किसी को कानोंकान खबर न हो। 

गेहूं में पानी मिलाने वाले 7 लोग हिरासत में

जब एडीएम और एसडीएम की टीम ने पुलिस के साथ छापेमारी की तो मौके पर 8 ट्रकों के स्टाफ के 7 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया जिनसे मौके पर तो पूछताछ की ही गई थी मगर स्पष्ट जवाब ना देने के कारण उनको हिरासत में लिया गया। और सभी 8 ट्रकों के कागजात बिल्टीयों की जांच की गई।






Post a Comment

Previous Post Next Post