News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - रविवार देर रात धीरखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक प्लास्टिक पैकिंग रीबन बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। अचानक उठीं लपटों ने देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर और फैक्ट्री मालिक भी दहशत में मौके पर पहुंच गए।
सूचना पाकर दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें काबू करना आसान नहीं था। हापुड़ से पहुंची करीब पांच दमकल गाड़ियां आग को नियंत्रित नहीं कर सकीं, जिसके बाद मेरठ से भी अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाना पड़ा।
जेसीबी से तोड़ी गई दीवारें, तब पहुंच सका पानी
आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की दीवारें और मजबूत टीन शेड तक पिघलकर नीचे झुक गए। टीन शेड के नीचे आग सुलगती रही और पानी लपटों तक पहुंच ही नहीं पाया। इस पर जेसीबी मशीन बुलाकर फैक्ट्री की ऊंची दीवारें और टीन शेड तोड़े गए। इसके बाद दमकल कर्मियों ने सीधे आग पर पानी डाला, जिससे धीरे-धीरे आग काबू में आने लगी।
गनीमत रही कि फैक्ट्री बंद थी
सूत्रों के अनुसार आग लगने के वक्त फैक्ट्री पिछले तीन दिनों से बंद थी। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि फैक्ट्री परिसर में रहकर देखरेख करने वाले करीब पांच लोग मौजूद थे। उन्होंने शुरुआती प्रयासों में आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्लास्टिक सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई। मजबूर होकर सभी लोग अपनी जान बचाकर बाहर निकल आए।
पूरे मंडल में फैली सनसनी
भीषण आग लगने की खबर पूरे मंडल में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते आसपास की फैक्ट्रियों के मालिक और मजदूर भी मौके पर जुट गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी तुरंत पहुंच गए। खरखोदा थाना प्रभारी समेत वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर डटे रहे और हालात पर नजर बनाए रखी।
कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया और लपटों को शांत किया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।







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