हापुड़/सिंभावली - पचास हजार रुपये के इनामी और बिहार का कुख्यात अपराधी डब्लू यादव उर्फ सूरज यादव रविवार देर रात हापुड़ के सिंभावली क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया। वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देता फिर रहा था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे करीब दो दर्जन गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
नोएडा व बिहार एसटीएफ के इनपुट पर हापुड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार रविवार देर रात नोएडा एसटीएफ और बिहार एसटीएफ की टीम सिंभावली थाना पहुंची। टीमों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी कि बेगूसराय (बिहार) के थाना साहेबपुर कमाल के गांव ज्ञानडोल निवासी डब्लू यादव पुत्र सूर्य नारायण यादव हापुड़ क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इस सूचना पर सिंभावली पुलिस तत्काल हरकत में आई और बक्सर मिड गंगा नहर पटरी पर चेकिंग शुरू कर दी।
पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेर
रात लगभग एक बजे एक संदिग्ध युवक बाइक से आते दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का इशारा करने पर उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने खुद को बचाया और जब आरोपी भागने लगा तो पुलिस ने उसका पीछा किया। जंगल की ओर भागते समय उसने दोबारा गोलियां चलाईं, जिसमें थाना प्रभारी सुमित कुमार बाल-बाल बच गए।
इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें डब्लू यादव गोली लगने से घायल हो गया। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शातिर बदमाश, हत्या व अपहरण के मामलों में था वांछित
सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया बदमाश बेहद शातिर था। उस पर हत्या, लूट, अपहरण और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 24 मुकदमे दर्ज हैं। बिहार एसटीएफ के अनुसार उसने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार उर्फ राकेश कदम का अपहरण कर हत्या कर दी थी और शव को जमीन में दबा दिया था। इसके अलावा, वर्ष 2017 में अपने खिलाफ गवाही देने वाले महेंद्र यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
भारी मात्रा में असलहा बरामद
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक बाइक, एक कार्बाइन, एक पिस्टल, एक तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कई जिलों की पुलिस को थी तलाश
बताया गया कि डब्लू यादव लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर बिहार पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। नोएडा व बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी और आखिरकार रविवार को उसे ढेर कर दिया गया।







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