एक हफ्ते में पांच से ज्यादा लोग बने शिकार, पालिका की लापरवाही पर उठे सवाल
News Expert - Sushil Sharma
हापुड़। नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़ने के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। शहर में आवारा पशुओं और बंदरों का आतंक कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है। पक्का बाग मंडी में शुक्रवार सुबह हुई घटना ने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की चिंता और बढ़ा दी।
दुकान खोलते ही व्यापारी पर हमला
आर्यनगर निवासी बुजुर्ग किराना व्यापारी आनंद प्रकाश अग्रवाल सुबह रोज की तरह दुकान खोल रहे थे। तभी अचानक पांच-छह बंदरों का झुंड दुकान में घुस आया और उन पर हमला कर दिया। व्यापारी नीचे गिर पड़े और एक बंदर ने उनकी कमर पर काट लिया। गिरने से उनके हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में आसपास के दुकानदारों ने उन्हें बचाया और परिजनों की मदद से अस्पताल भेजा।
लगातार बढ़ रहा है बंदरों का आतंक
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में पांच से अधिक लोग बंदरों का शिकार बन चुके हैं। दो दिन पहले बुजुर्ग गंगाशरण समेत कई राहगीरों को भी बंदरों ने घायल कर दिया था। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
व्यापारियों और नागरिकों में रोष
व्यापारियों के साथ अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि पालिका ने बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई नहीं की, तो वे सामूहिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा खतरे में
बंदरों के हमले अब मोहल्लों तक पहुँच गए हैं। महिलाओं का कहना है कि छतों पर कपड़े सुखाना मुश्किल हो गया है। वहीं, बच्चों के लिए घर से बाहर निकलना और खेलना खतरे से खाली नहीं। लोग रोजाना किसी न किसी के घायल होने की घटनाओं से खौफ में जी रहे हैं।










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