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15 साल से पुराना पेट्रोल/डीजल वाहन अब जिले में नहीं चलेगा


News Expert - Sushil Sharma 

हापुड़ - जिले में परिवहन विभाग ने पुराने पेट्रोल व डीजल वाहनों के संचालन को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। विभाग की जांच में ऐसे 422 वाहन चिन्हित किए गए हैं जो आयु के मानदंड (15 वर्ष या उससे अधिक) पर खरे उतरे। इन्हें अब हापुड़ जिले में चलाने की अनुमति नहीं होगी। आदेश के तहत इन्हें या तो किसी वैध अन्य जिले में पुन: पंजीकृत कराया जाए या यदि वाहन उपयोग लायक नहीं है तो उसे मान्यता प्राप्त स्क्रैप सेंटर्स से स्क्रैप कराकर पंजीकरण निरस्त कराना होगा। 

परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चिन्हित वाहनों के मालिकों को एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेकर उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में से किसी एक जिले में अपना वाहन रजिस्टर कराने को कहा गया है। सूची में इटावा, संतकबीरनगर, कुशीनगर, जौनपुर, बलिया, सुल्तानपुर, गाज़ीपुर, प्रतापगढ़, महाराजगंज, शाहजहांपुर, लखीमपुर, बदायूँ, हरदोई, बहराइच, एटा, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, अमेठी, बिजनौर जैसे जिले शामिल हैं। साथ ही विभाग ने कहा कि दिल्ली–एनसीआर के बाहर के अन्य राज्यों से भी एनओसी प्राप्त की जा सकती है। 

एआरटीओ प्रशासन छवि सिंह चौहान के हवाले से बताया गया कि नियम का लक्ष्य वायु गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा दोनों को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा, “यदि किसी वाहन का अस्तित्व समाप्त हो चुका है अथवा वह स्थायी रूप से चलने लायक नहीं है तो वाहन स्वामी प्रमाण सहित स्क्रैप प्रक्रिया पूरी कराकर पंजीकरण निरस्तीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।” अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई व दंड भी लगाया जा सकता है।

जिला परिवहन कार्यालय ने सार्वजनिक सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनज़र अभियान के रूप में पहले भी पुराने वाहनों पर कार्रवाई की है। पिछले वर्षों में भी ऐसे अभियानों में वाहनों के पंजीकरण रद्द या सीज किए जाने के मामलों का जिक्र मिलता रहा है। विभाग ने वाहन मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे रजिस्ट्रेशन संबंधित कागजात और एनओसी शीघ्रता से सँभाल लें, ताकि अनावश्यक परेशानी न हो। 

किन-किन नंबरों/सीरियल वाली गाड़ियों को चिन्हित किया गया

प्रभागीय अधिकारियों ने उदाहरण के तौर पर कुछ पंजीकरण नंबरों की सूची भी जारी की है — जिनमें HR75-2108, UP12V8747, UP12W1245, UP13U9963, UP13V9144, UP13W3470 आदि शामिल हैं। इसके अलावा UP14BA सीरीज़ के 142, UP14BB के 108, UP14BC के 81, UP14BD के 39 और कई अन्य UP–सीरिज़ के वाहन सूचीबद्ध किए गए हैं। वाहन मालिक अपने पंजीकरण नंबर की जाँच जिला परिवहन कार्यालय से करवा सकते हैं। 

वाहन मालिकों के विकल्प

1. पुनः पंजीकरण (Re-registration) — अनुमत 34 जिलों में से किसी एक में एनओसी लेकर वाहन पंजीकृत कराना।

2. स्क्रैपिंग और रद्दीकरण (Scrap & Deregistration) — यदि वाहन उपयोगस्मर्य नहीं रहा तो शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्क्रैप सेंटर से स्क्रैप कराकर प्रमाण प्रस्तुत करना।

3. कागजात परीक्षण और फिटनेस जाँच — कुछ मामलों में वाहन फिटनेस प्रमाणित कर दूसरी व्यवस्था लागू की जा सकती है (जहाँ नियम सम्मत हो)। 

परिवहन विभाग ने चेतावनी भी दी है कि जिन वाहनों का पुनः पंजीकरण नहीं होगा और सड़क पर पाए गए तो नियमानुसार जुर्माना, सीज या पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम शहर के वायु प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और परिष्कृत यातायातशास्त्र के अनुरूप पुरानी तथा खामियों वाले वाहनों को हटाने की दिशा में उठाया गया है। 

क्या करें यदि आपका वाहन सूची में है?

सबसे पहले अपने वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की पुष्टि के लिए नजदीकी आरटीओ/ट्रांसपोर्ट कार्यालय से संपर्क करें। यदि वाहन चलने लायक है और आप उसे किसी अन्य जिले में ले जाना चाहते हैं तो एनओसी के लिए आवेदन करें। यदि वाहन पुराना व अनुपयोग्य है तो मान्यता प्राप्त स्क्रैप सेंटर से स्क्रैप कराकर पंजीकरण निरस्त करने का प्रमाण संभालकर रखें। इस रिपोर्ट के आंकड़े और निर्देश जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र पर आधारित हैं। अधिक जानकारी और संबंधित फॉर्म व प्रक्रिया के लिए स्थानीय परिवहन विभाग से संपर्क करें। 








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