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लज्जापुरी रामलीला मैदान में लगने वाली साप्ताहिक पैठ बनी सिरदर्द, मोहल्लेवासियों ने हटवाने को दिया प्रार्थना पत्र


News Expert - Sushil Sharma 

हापुड़ - थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला लज्जापुरी स्थित रामलीला मैदान में हर रविवार लगने वाली साप्ताहिक पैठ आरोपों के अनुसार अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बाजार लगने से क्षेत्र में जाम, गंदगी, चोरी और अवैध वसूली जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। तंग आकर लज्जापुरी, बैंक कॉलोनी, गणेशपुरा और चमरी के नागरिकों ने मिलकर जिला प्रशासन से इस पैठ को हटवाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए कहा कि “रामलीला मैदान धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र रहा है, लेकिन अब हर रविवार यहां बाजार लगने से न केवल श्रद्धा का माहौल प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम नागरिकों का जीवन भी दूभर हो गया है।”

रविवार को जाम और अफरातफरी का माहौल

स्थानीय लोगों के अनुसार, पैठ लगने वाले दिन पूरे इलाके में इतना भीषण जाम रहता है कि पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। मरीजों को अस्पताल ले जाने में परेशानी होती है। कई बार एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिलता। मोहल्लेवासियों ने बताया कि “रविवार को एंबुलेंस चालक अब लज्जापुरी में आने से ही मना कर देते हैं, क्योंकि घंटों तक फंसना पड़ता है।”

कचरा, बदबू और छेड़छाड़ की घटनाएं भी बढ़ीं

निवासियों ने बताया कि बाजार के बाद मैदान में कूड़े-कचरे का ढेर लग जाता है। बदबू और गंदगी से आने-जाने वालों को तकलीफ होती है। वहीं, महिलाओं ने बताया कि भीड़भाड़ के बीच जेबकतरों और मनचलों की सक्रियता भी बढ़ गई है। कई बार छेड़छाड़ और जेबतराशी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

अवैध वसूली और सौंदर्यकरण का झांसा

लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा रामलीला समिति के नाम पर दुकानदारों से अवैध वसूली की जाती है। जबकि वर्षों से बाजार लगने के बावजूद रामलीला मैदान में सौंदर्यकरण का कोई कार्य नहीं हुआ है। एक स्थानीय निवासी ने कहा “रामलीला समिति हर साल कहती है कि इस बाजार से होने वाली आमदनी से मैदान का विकास किया जाएगा, लेकिन आज हालत यह है कि मैदान कचरे और गंदगी से भर गया है। ना मंच की मरम्मत हुई, ना प्रकाश व्यवस्था सुधरी।”

नगरवासी बोले धार्मिक स्थल की मर्यादा रखी जाए

लज्जापुरी के लोगों ने कहा कि यह मैदान धार्मिक आयोजनों जैसे रामलीला, दुर्गा पूजा और समाजिक कार्यक्रमों के लिए आरक्षित रहा है। यहां साप्ताहिक बाजार लगना न केवल अव्यवस्था फैलाता है, बल्कि धार्मिक स्थल की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है।

प्रशासन से की यह मांग

प्रार्थना पत्र में नागरिकों ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि “साप्ताहिक पैठ को रामलीला मैदान से हटाकर किसी अन्य उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि मोहल्ला लज्जापुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोग फिर से अपने धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम शांति से कर सकें।”









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