News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ कोतवाली परिसर में गुरुवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पुलिसकर्मियों ने परिसर के पिछले हिस्से में एक लाल रंग के ज़हरीले सांप को रेंगते देखा। कुछ ही पलों में पुलिसकर्मियों और परिसर में मौजूद फरियादियों के बीच हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों की नजर झाड़ियों के पास किसी लाल चमकदार चीज़ पर पड़ी। नज़दीक जाकर देखने पर पता चला कि वह रेड स्नेक है, जो दीवार के किनारे तेजी से सरकता हुआ झाड़ियों में जा रहा था।थाना प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी।सूचना मिलते ही वनकर्मी मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
करीब आधे घंटे के प्रयास के बाद सांप को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह रेड स्नेक (Red Snake) दुर्लभ और उच्च विषैली प्रजाति में से एक है, जो सामान्यतः खेतों, झाड़ियों या पुराने निर्माण स्थलों के आसपास पाई जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक रेड स्नेक का ज़हर न्यूरोटॉक्सिक (Neurotoxic) श्रेणी का होता है, जो मानव शरीर की नसों पर सीधे असर डालता है। इसके काटने पर व्यक्ति को कुछ ही मिनटों में तेज़ सिरदर्द, मांसपेशियों में जकड़न, सांस लेने में कठिनाई और अगर समय पर इलाज न मिले तो पीड़ित की जान भी जा सकती है। यही कारण है कि यह सांप देखने में जितना आकर्षक लगता है, उतना ही खतरनाक और जानलेवा भी होता है।
वन विभाग की टीम ने सांप को पकड़ने के बाद उसे एक सुरक्षित कंटेनर में बंद कर नज़दीकी वन क्षेत्र में छोड़ दिया। टीम ने बताया कि बारिश के मौसम में अक्सर सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर सूखी या गर्म जगहों की तलाश में आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं।
कोतवाली प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह ने बताया कि “सांप को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है। सभी पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परिसर की झाड़ियों और पिछली दीवार के पास की सफाई के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
उन्होंने बताया कि बारिश और नमी के मौसम में इस तरह के जीव-जंतु सुरक्षित स्थानों की तलाश में थानों, घरों और स्कूलों में घुस जाते हैं। लोगों को सावधानी बरतने और ऐसे हालात में तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है। घटना के बाद कुछ देर के लिए कोतवाली परिसर का पिछला हिस्सा बंद कर दिया गया। पुलिसकर्मी और मौजूद फरियादी दोनों ही घटना से सहमे रहे। बाद में जब वन विभाग की टीम ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया तो सभी ने राहत की सांस ली।















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