News Expert - Aarif Kassar
एक दिन की बीडीओ बनी सुरभि शर्मा ने ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर बाकायदा कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की, उनके द्वारा बताई गई समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “बेटियों को अवसर दिया जाए तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। आज का अनुभव मेरे लिए जीवनभर प्रेरणा रहेगा।” कार्यक्रम के दौरान वर्तमान बीडीओ रामकुमार शर्मा, एडीओ पंचायत गुरविंदर सिंह, विनोद बाबू, सतेंद्र कुमार, आकाश कुमार, और प्रकेंद्र शर्मा सहित ब्लॉक का पूरा स्टाफ सुरभि का मार्गदर्शन करने के लिए मौजूद रहा। अधिकारियों ने सुरभि को ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली से अवगत कराया और योजनाओं की जानकारी दी।
सुरभि शर्मा ने कहा“आज का दिन मेरे जीवन का सबसे यादगार दिन रहा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे बीडीओ की कुर्सी पर बैठने और जनता की समस्याएं सुनने का अवसर मिलेगा। इस अनुभव से मुझे यह समझ आया कि प्रशासनिक जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है और एक अधिकारी समाज में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। मुझे गर्व है कि मुझे बालिका सशक्तिकरण अभियान के तहत यह मौका मिला। मैं हर बेटी से कहना चाहूंगी कि कभी खुद को कमज़ोर न समझे। अगर आप मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगी, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। आज मैंने महसूस किया कि बेटियां अगर ठान लें तो वे न केवल घर-परिवार संभाल सकती हैं, बल्कि पूरे सिस्टम को भी सशक्त बना सकती हैं।
मैं सरकार और शिक्षा विभाग की आभारी हूं जिन्होंने हमें यह मंच दिया, जिससे हम जैसी छात्राएं भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें। मेरा सपना है कि मैं भविष्य में सिविल सर्विसेज़ में जाकर समाज की सेवा करूं और हर उस बेटी के लिए प्रेरणा बनूं जो अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखती है।”यह पहल बालिकाओं को यह संदेश देती है कि वे केवल शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित शिक्षकों और ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार की पहलें बेटियों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाती हैं।
प्रधानाचार्य एम.एच. सिद्दीकी ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि हर छात्रा अपने अंदर यह भावना विकसित करे कि वह समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। आज सुरभि ने यह साबित कर दिया कि बेटियां जब आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। “एक दिन की बीडीओ बनी सुरभि शर्मा ने साबित किया कि अगर अवसर मिले, तो बेटियां प्रशासनिक कुर्सी तक पहुंचकर न सिर्फ काम संभाल सकती हैं, बल्कि बदलाव भी ला सकती हैं।”
















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