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पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र ने बुलंदशहर में किया जनसुनवाई व थाने का निरीक्षण, कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा

पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र ने बुलंदशहर में किया जनसुनवाई व थाने का निरीक्षण, कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा

बुलंदशहर: पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी ने 14 जून 2025 को थाना गुलावठी में समाधान दिवस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर का आंशिक निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया।

डीआईजी ने पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनके वेतन विसंगति और स्थानांतरण से संबंधित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, पुलिस थानों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और थाना परिसर को आगंतुकों के लिए सुलभ बनाने के आदेश दिए।


डीआईजी नैथानी ने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा की तैयारियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वे कांवड़ रजिस्टर तैयार कर अपडेट रखें और पिछले साल के घटनाक्रमों का अवलोकन करते हुए इस बार बेहतर तैयारी करें। साथ ही, सभी कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर रोड डायवर्जन और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए।

सैनिक सम्मेलन और अपराध गोष्ठी में पुलिसकर्मियों की समस्याओं पर चर्चा

डीआईजी jiने पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान करते हुए कहा कि वे सभी कर्मचारियों द्वारा की गई शिकायतों का निस्तारण करेंगे। विशेष रूप से, वेतन विसंगति और पुलिसकर्मियों के रहने-खाने की स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी थानों में शौचालय, स्नानागार, बैरक, और मैस की मरम्मत कराई जाए और नए उपकरण जैसे कूलर आदि लगाए जाएं।


कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था की समीक्षा

डीआईजी ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वे कांवड़ रूट और संबंधित शिविरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही, पुलिसकर्मियों को रेनकोट और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराए जाएं।

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा से संबंधित गलत खबरों का खंडन किया जाए और पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सीएचसी/पीएचसी में भी लगाई जाए।

अपराध गोष्ठी और पुलिस अभियानों पर फोकस

अपराध गोष्ठी के दौरान, डीआईजी ने अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से लूट और चोरी की घटनाओं का खुलासा कर उनकी शतप्रतिशत बरामदगी की बात कही। साथ ही, गैंगस्टर मामलों और एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई को बढ़ाने के निर्देश दिए।


पुलिस उप महानिरीक्षक ने सभी अधिकारियों से अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन पहचान" अभियान को और सख्ती से लागू करने की अपील की, ताकि अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके और अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।

यह विवरण बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें तीन प्रमुख बिंदुओं — (1) जे0टी0सी0/आर0टी0सी0 प्रशिक्षण, (2) सैनिक सम्मेलन, (3) कांवड़ यात्रा, तथा (4) अपराध गोष्ठी — से संबंधित निर्देशों का समावेश है। इसे एक सुव्यवस्थित, संक्षिप्त और रिपोर्टिंग योग्य रूप में नीचे प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे समाचार रिपोर्ट, अधिकारी ब्रीफ या आंतरिक पत्राचार में प्रयोग किया जा सकता है।

📋 डीआईजी मेरठ द्वारा सैनिक सम्मेलन, कांवड़ यात्रा और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा

डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी ने आज बागपत जनपद में सैनिक सम्मेलन, अपराध गोष्ठी और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के साथ-साथ रिक्रूट आरक्षियों के जे0टी0सी0/आर0टी0सी0 प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण और समीक्षा की।


🏫 रिक्रूट आरक्षियों का जे0टी0सी0/आर0टी0सी0 प्रशिक्षण

बैरक, मैस, शौचालय, स्नानागार आदि का भौतिक निरीक्षण कर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएं।

प्रशिक्षण सामग्री समय पर प्राप्त की जाए तथा इंडोर/आउटडोर प्रशिक्षण की गुणवत्ता उच्च कोटि की हो।

अनुशासन, व्यवहारिकता और जनकल्याण जैसे गुणों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।


🧑‍✈️ सैनिक सम्मेलन: पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान

सभी कर्मचारियों के आवेदन रजिस्टर में दर्ज कर पत्रावली तैयार की जाए।


वेतन विसंगति, टीए/डीए, आवास, स्वास्थ्य, थाना परिसर की सफाई, अतिथि सुलभ वातावरण पर विशेष ध्यान।

SSP द्वारा वेतन व स्थानांतरण संबंधी समस्याओं की स्वयं समीक्षा करने और नियमानुसार समाधान के निर्देश।

बैरकों की रंगाई-पुताई व मरम्मत बरसात के बाद पूरी कराई जाए; कूलर, रेनकोट, और बीमार कर्मियों की देखभाल सुनिश्चित हो।

🕉️ कांवड़ यात्रा 2025 की तैयारी के निर्देश

कांवड़ रजिस्टर में मार्ग, शिविर, डायवर्जन, डीजे आदि का पूरा विवरण दर्ज करें।

पूर्व वर्षों की व्यवस्था देखकर रणनीति तय करें।

अहार मंदिर, मार्गों, बिजली की लाइनें, सड़कें, शिविरों आदि का भौतिक निरीक्षण कर सुधार।


ड्रोन कैमरे, CCTV, वॉकी-टॉकी, कंट्रोल रूम की मजबूत संचार व्यवस्था सुनिश्चित करें।

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, झूठी खबरों का खंडन, मांस-मदिरा की दुकानों का नियमानुसार बंद कराना।

मिश्रित आबादी वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों के समीप शिविरों की समीक्षा कर शांति व्यवस्था सुनिश्चित करें।

🚨 अपराध गोष्ठी: अपराध पर सख्त नियंत्रण के निर्देश

मानवाधिकार आयोग की फाइलों की समीक्षा SSP स्वयं करें।

घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर एक्ट, इनामी अभियुक्तों की धरपकड़ पर विशेष बल।

चोरी, लूट के मामलों में अनावरण व शत-प्रतिशत माल बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

NDPS व आबकारी कानून में निरोधात्मक कार्रवाई में वृद्धि।


लंबित विवेचनाओं को तय सीमा में निस्तारित करें, महिला/बालिका से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दें।

गन कल्चर रोकने हेतु सोशल मीडिया पर वायरल फोटो/वीडियो के मामलों में तुरंत FIR दर्ज हो।

“ऑपरेशन पहचान” को प्रभावी ढंग से सतत चलाने के निर्देश।

अंत में, डीआईजी ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि सभी लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और महिला व बच्चों से संबंधित अपराधों पर गंभीरता से कार्यवाही की जाए।

इस अवसर पर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर श्री दिनेश प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर श्री शंकर प्रसाद सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक श्री रिजुल सहित सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

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