हाउस टैक्स में बढ़ोतरी पर व्यापारियों ने जताई आपत्ति, विधायक से मिलकर की फरियाद
हापुड़ - नगर पालिका परिषद हापुड़ द्वारा हाल ही में भेजे गए नए हाउस टैक्स निर्धारण नोटिसों को लेकर शहर के व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 28 जून 2024 को जारी अधिसूचना के अनुसार गैर-आवासीय भवनों पर टैक्स में छूट दी गई थी, लेकिन नगर पालिका ने इस आदेश को न तो नोटिस में दर्शाया है और न ही इसका लाभ जनता को दिया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दिनांक 25 मार्च 2025 को अधिशासी अधिकारी ने व्यापारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें सर्वसम्मति से कर निर्धारण में केवल 5 पैसे प्रति वर्गफुट की वृद्धि पर सहमति बनी थी। लेकिन इसके बावजूद अब जो कर नोटिस भेजे जा रहे हैं, उनमें हाउस टैक्स को 6% से बढ़ाकर 10% तथा सीवर टैक्स को 2% से बढ़ाकर 2.5% कर दिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि इस वृद्धि का कोई जिक्र न तो बैठक में किया गया और न ही कोई स्पष्ट नियम दिखाया गया।
सरकार ने घटाया था गुणांक, लेकिन पालिका ने नहीं दी छूट
व्यापारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना के अनुसार, गैर-आवासीय भवनों पर गुणांक को पहले के 1 से 6 गुना से घटाकर अब 1 से 3 गुना कर दिया गया है। दुकानों पर पूर्व में जहाँ 4 गुना टैक्स लिया जाता था, वहीं सरकार ने उसे घटाकर 2 गुना कर दिया है। लेकिन नगर पालिका द्वारा जारी नोटिसों में इस राहत का कोई उल्लेख नहीं है।
दिनांक 12 जून 2025 को कर निर्धारण अधिकारी के समक्ष व्यापारियों ने इस विषय पर आपत्ति जताई, जिस पर अधिकारी का कहना था कि "टैक्स में कमी के आदेश को पहले बोर्ड मीटिंग में पास कराना होगा, तभी उसे लागू किया जा सकेगा।" व्यापारियों ने इसपर सवाल उठाया कि जब बिना बोर्ड की सहमति के टैक्स बढ़ाया जा सकता है, तो कमी क्यों नहीं लागू की जा सकती?
विधायक से मिले व्यापारी
अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि विधायक बोर्ड के सदस्य होने के नाते चाहें, तो इस आदेश को लागू करवा सकते हैं। ऐसे में अब व्यापारी वर्ग इस मुद्दे को विधायक विजयपाल आढ़ती के समक्ष लेकर पहुंचे, जहां व्यापारियों और विधायक विजयपाल आढ़ती के बीच वार्ता हुई। विधायक विजयपाल आढ़ती ने कहा कि इस विषय में हम हापुड़ की जनता और व्यापारियों के साथ है। जनता की समस्याओं का निस्तारण करना हमारा फर्ज है। जनता की टैक्स से संबंधित समस्या का निस्तारण जल्द ही कराया जाएगा।
नगर के प्रमुख व्यापारियों का कहना है कि "सरकार की नीतियों का सही क्रियान्वयन न होने से आम आदमी पर दोहरी मार पड़ रही है।" उन्होंने पालिका से मांग की है कि वह सरकार के गजट का अनुपालन सुनिश्चित करे और टैक्स निर्धारण में पारदर्शिता बनाए रखे।
व्यापारियों में अरुण कुमार गर्ग, योगेंद्र अग्रवाल,संजीव कुमार,विवेक गर्ग, दीपक गोयल, राकेश अग्रवाल और विवेक गर्ग उपस्थित रहे।

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