News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एसआईएमएस), हापुड़ में सोमवार को एंटी-रैगिंग सप्ताह की शुरुआत “एंटी रैगिंग डे” के आयोजन के साथ हुई। इस अवसर पर परिसर का माहौल देशभर में चल रही इस मुहिम की तरह उत्साह, जागरूकता और सकारात्मक संदेशों से भर उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की प्राचार्य डॉ. बर्खा गुप्ता के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने छात्रों को रैगिंग की गंभीरता और इसके दुष्परिणामों से आगाह करते हुए कहा, “रैगिंग एक अपराध है, जो न केवल छात्र जीवन को प्रभावित करता है बल्कि सामाजिक वातावरण को भी बिगाड़ता है। एसआईएमएस में इसके खिलाफ सख्त नीति लागू है और दोषी पाए जाने पर तुरंत कठोर कार्रवाई होगी।”
वरिष्ठ सलाहकार डॉ. साहगल ने जानकारी दी कि एसआईएमएस में निगरानी तंत्र, हेल्पलाइन नंबर, मेंटरिंग प्रोग्राम और छात्र-शिक्षक संवाद जैसी व्यवस्थाएं पहले से ही लागू हैं, जिससे परिसर सुरक्षित और मित्रतापूर्ण बना रहता है।
कार्यक्रम में छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर रैगिंग के हानिकारक प्रभावों को जीवंत तरीके से दिखाया। प्रस्तुति के दौरान दर्शकों में सन्नाटा छा गया और अंत में गूंज उठा यह संदेश—“नए छात्रों का स्वागत सम्मान और मित्रता के साथ होना चाहिए, डर और अपमान से नहीं।”
इसके अलावा परिसर में सेल्फी कॉर्नर लगाया गया, जहां छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एंटी-रैगिंग संदेशों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा कर जागरूकता को और व्यापक बनाने की पहल की गई।
संस्थान ने आने वाले दिनों में पोस्टर प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, परिचर्चा और जागरूकता रैली जैसी गतिविधियों का आयोजन करने का निर्णय लिया है।







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