News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - गढ़ क्षेत्र के ब्रजघाट जंगल से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां चार वर्षीय मासूम को उसकी ही मां और उसके प्रेमी ने बेरहमी से मारने की कोशिश की। दोनों ने बच्ची को जंगल में ले जाकर पीटा, गला दबाकर मौत के हवाले करने का प्रयास किया और उसे मरा समझकर वहीं फेंककर फरार हो गए। लेकिन किस्मत ने मासूम का साथ दिया और राहगीरों की नजर पड़ते ही उसकी सांसें बचा ली गईं।रात में बच्ची होश में आकर किसी तरह जंगल से निकलकर सड़क किनारे बने चाय के खोखे तक पहुंची। बदन पर चोटों के निशान थे और वह दर्द से कराह रही थी। यह दृश्य देख लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की तत्परता से बची जान
सूचना पर थाना पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की देखरेख में बच्ची का उपचार शुरू किया गया। इस दौरान जब पुलिस ने बच्ची से बात की तो उसने मासूमियत भरे शब्दों में बड़ा खुलासा किया। रोते हुए उसने बताया कि उसकी मां अक्सर कहती थी कि उसके "दो पापा हैं"। रात में मां अपने प्रेमी के साथ उसे जंगल में ले गई और दोनों ने उसका गला दबाया। जब वह बेसुध होकर गिर गई तो उसे मरा समझकर वहीं छोड़ दिया।
सीडब्ल्यूसी ने लिया संरक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम भी पहुंच गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है, जहां उसे सुरक्षित माहौल और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष अभिषेक त्यागी ने बताया कि बच्ची अभी केवल मेरठ क्षेत्र का नाम ले पा रही है, बाकी जानकारी स्पष्ट नहीं है। उसे 60 दिन तक वन स्टॉप सेंटर में रखा जाएगा। यदि इस अवधि में उसके असली अभिभावक सामने नहीं आते तो बच्ची को मेरठ की सरकारी संस्था में सुरक्षित रखा जाएगा।
समाज हुआ स्तब्ध
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। लोगों का कहना है कि जहां मां को भगवान से भी बढ़कर माना जाता है, वही मां अपनी ही संतान की दुश्मन बन सकती है, यह कल्पना से परे है। मासूम की करुण पुकार सुन जिसने भी कहानी जानी, वह आंसू रोक नहीं सका। स्थानीय लोग आरोपियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ममता के नाम पर कलंक
मां वह शब्द है जिसमें पूरा संसार बसता है। बच्चा जब पहली बार आंखें खोलता है तो उसकी सुरक्षा की पहली दीवार मां ही होती है। लेकिन ब्रजघाट की घटना ने इस विश्वास को तोड़कर रख दिया है। जिस गोद में बच्ची को चैन से सोना था, उसी गोद से उसे मौत का तोहफा मिला। यह हैवानियत समाज के लिए एक करारा सवाल है क्या रिश्तों की पवित्रता अब लालच और वासना की बलि चढ़ रही है? पुलिस ने बच्ची के बयान दर्ज कर लिए हैं और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जल्द ही इस अमानवीय अपराध के जिम्मेदारों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।









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