News Expert - Sushil Sharma
मेरठ। नवरात्र और दशहरा पर्व पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मेरठ परिक्षेत्र की पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम कर दिए हैं। डीआईजी मेरठ रेंज श्री कलानिधि नैथानी के निर्देश पर जिलेवार पुलिस बल की तैनाती, शोभायात्राओं के मार्ग, रामलीला मंचन और रावण दहन स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
4699 पुलिसकर्मी तैनात
त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कुल 4699 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें 07 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 सीओ, 92 निरीक्षक, 705 उपनिरीक्षक, 1370 मुख्य आरक्षी, 1645 सिपाही, 855 होमगार्ड/पीआरडी और 2 कम्पनी पीएसी शामिल हैं।
शोभायात्राएं और मूर्तियां
रेंज में कुल 347 शोभायात्राएं निकलेंगी, जिनमें मेरठ में 51, बुलंदशहर में 208, बागपत में 36 और हापुड़ में 52 जुलूस प्रस्तावित हैं। प्रतिमाओं की संख्या 26 है, जिसमें मेरठ में 10, बागपत में 12, हापुड़ में 3 और बुलंदशहर में 1 प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम
पूरे रेंज में 102 रामलीला मंचन और 110 रावण दहन कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। अकेले बुलंदशहर में 45 रामलीला और 53 रावण दहन होंगे। मेरठ में 31 मंचन और 32 दहन, बागपत में 15 मंचन और 12 दहन, जबकि हापुड़ में 11 मंचन और 13 रावण दहन आयोजित किए जाएंगे।
संवेदनशील स्थानों पर सख़्ती
कुल 109 हॉटस्पॉट संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां 24 जोन, 81 सेक्टर और 61 क्यूआरटी टीमें निगरानी करेंगी। इसके अलावा 123 गोष्ठियां धर्मगुरुओं, शांति समिति और संभ्रांत नागरिकों के साथ तथा 113 गोष्ठियां नगर निगम, स्वास्थ्य और बिजली विभाग के साथ की जा चुकी हैं।
डीआईजी ने दिए कड़े निर्देश
डीआईजी नैथानी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि
रामलीला, प्रतिमा स्थापना, जुलूस और रावण दहन स्थलों का पहले ही निरीक्षण कर विवादों का समाधान कराया जाए।
आयोजन स्थलों पर विद्युत, अग्निशमन और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
प्रतिमाओं का आकार छोटा और पारंपरिक स्थानों पर ही हो, भीड़ क्षमता से अधिक न बढ़े।
रावण दहन स्थलों की बैरिकेटिंग और आग से बचाव की पूरी तैयारी रहे।
मूर्ति विसर्जन स्थलों पर रोशनी, चेतावनी बोर्ड और गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस–पीएसी फ्लैगमार्च कर माहौल नियंत्रण में रखा जाए।
एंटी रोमियो स्क्वॉड बाजारों, मेलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहे।
सोशल मीडिया पर अफवाहों पर कड़ी नजर रखकर तुरंत कार्रवाई हो।
सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से संवेदनशील स्थलों की निगरानी की जाए।
डीआईजी ने साफ कहा कि त्योहारों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हर जिले के कप्तान खुद मौके पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे, ताकि लोग नवरात्र और दशहरा पूरी शांति व सौहार्द के साथ मना सकें।











Post a Comment