News Expert - Sushil Sharma
हापुड़। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर शनिवार को हापुड़ बार एसोसिएशन के सैकड़ों अधिवक्ता सड़कों पर उतर आए। तहसील चौराहे पर अधिवक्ताओं ने हाथों में हाथ डालकर घेरा बना चक्काजाम किया और जमकर नारेबाजी की। काफी देर तक चौराहे पर जाम के हालात रहे। बाद में सूचना पाकर हापुड़ सदर एसडीएम इला प्रकाश मौके पर पहुंचीं और अधिवक्ताओं से वार्ता की। एसडीएम ने उनकी मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।
पश्चिमी यूपी के 22 जिलों की आवाज
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रयागराज में स्थित है और उसकी एक बेंच लखनऊ में है, जहां आसपास के 15 जिलों का क्षेत्राधिकार है। लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जिलों का क्षेत्राधिकार प्रयागराज हाईकोर्ट को दिया गया है। सहारनपुर से प्रयागराज की दूरी 850 किलोमीटर तक है, जिससे लाखों वादकारियों को न्याय पाने में कठिनाई होती है।
50 वर्षों से जारी संघर्ष
बार एसोसिएशन का कहना है कि पश्चिमी यूपी के करीब सात करोड़ लोगों की न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अधिवक्ता पिछले 50 वर्षों से बेंच की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अधिवक्ताओं ने इसे न्याय के अधिकार से वंचित करना बताया और कहा कि इलाहाबाद तक लंबा सफर वादकारियों के लिए भारी आर्थिक बोझ भी है।
प्रधानमंत्री से निवेदन
अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना कराने का आग्रह किया। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ न्याय की सुगमता बढ़ेगी बल्कि वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय भी मिल सकेगा।












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