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गरीबी का मुखौटा, अंदर एसी-फ्रिज की बहार चोरी की बिजली पर गुलजार झुग्गियां, चोरी की बिजली से सैकड़ों मयूरियां हो रही चार्ज


News Expert - Sushil Sharma 

हापुड़ - शहर में बिजली चोरी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। जहां आम लोगों पर मामूली खपत पर भी भारी-भरकम बिल थमा दिया जाता है और बिजली चोरी की शिकायत पर तुरंत छापेमारी कर जुर्माना ठोक दिया जाता है, वहीं मेरठ रोड स्थित दीवान पब्लिक स्कूल के बाहर की झुग्गियों में खुलेआम बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इसकी भनक विद्युत विभाग को भी है, मगर कार्यवाही के नाम पर महकमा खामोश बना हुआ है।


सुविधाओं से लैस झुग्गियां, बिजली चोरी पर आश्रित

इन झुग्गियों में रहने वाले लोग खुद को गरीब बताकर सहानुभूति बटोरते हैं, लेकिन असलियत कुछ और ही है। झुग्गियों के अंदर झांककर देखा जाए तो आलिशान सुविधाएं मौजूद हैं—फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, टीवी, पंखे, इनवर्टर और यहां तक कि एसी तक लगे होने की जानकारी सामने आई है। सवाल उठता है कि आखिर ये सब कैसे चलता है? जवाब है—बिजली का बिल चुकाकर नहीं, बल्कि ट्रांसफार्मर से सीधे खींची गई चोरी की मुफ्त बिजली से।


चोरी की बिजली से चल रहा "मयूरी चार्जिंग स्टेशन"

सूत्रों के मुताबिक, इन झुग्गियों में सैकड़ों मयूरियां (बैटरी चालित वाहन) चोरी की बिजली से चार्ज की जाती हैं। इतना ही नहीं, झुग्गीवासी दूसरों की मयूरियां चार्ज कर उससे पैसा भी वसूलते हैं। यानि बिजली चोरी का यह धंधा केवल घरेलू उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि कमाई का जरिया भी बन चुका है।

रात में ट्रांसफार्मर पर डाले मोटे तार, लगी आग

मंगलवार देर रात इसका बड़ा उदाहरण देखने को मिला। झुग्गीवासियों ने ट्रांसफार्मर पर मोटे-मोटे केबल डालकर बिजली चोरी शुरू की। लेकिन तारों के आपस में मिलने से चिंगारी उठी और ट्रांसफार्मर में आग लग गई। नतीजा यह हुआ कि पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई। जब कॉलोनीवासियों ने शिकायत की तो विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देखा कि मोटे तार सीधे ट्रांसफार्मर से जुड़े हुए हैं। इन्हीं तारों से झुग्गियों में बिजली सप्लाई हो रही थी और मयूरियां चार्ज हो रही थीं।


बिजली कर्मियों से अभद्रता, फिर भी नहीं रुकी चोरी

विद्युत कर्मियों ने जैसे ही चोरी के तार हटाने की कोशिश की, झुग्गी की महिलाएं विरोध पर उतर आईं। उन्होंने कर्मचारियों से बदसलूकी और गाली-गलौज तक कर डाली। डरे-सहमे बिजली कर्मचारी कॉलोनी की आपूर्ति बहाल करने में जुटे, मगर झुग्गियों में डाले गए मोटे तार नहीं हटा सके। हालात यह रहे कि कर्मचारी जैसे ही लौटे, झुग्गीवासी तुरंत दोबारा केबल डालकर चोरी करने लगे।


विभाग पर उठे सवाल

इस पूरे प्रकरण ने साफ कर दिया है कि झुग्गियों में रहने वाले लोग बेखौफ होकर विद्युत विभाग को चुनौती दे रहे हैं। विभाग को पूरी जानकारी होते हुए भी कार्रवाई का अभाव समझ से परे है। सवाल उठता है कि आखिर क्यों इन झुग्गियों में बिजली चोरी पर महकमा खामोश है? क्या यहां कार्रवाई करने से विभाग पीछे हट रहा है या फिर अनदेखी की जा रही है?






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