News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - जनपद में चिकित्सकीय लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नसबंदी कराने के बाद भी महिला गर्भवती हो गई और प्रसव के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने हापुड़ के एक चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएमओ को शिकायती पत्र सौंपा है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
दिव्यांग महिला की जिंदगी से हुआ खिलवाड़
सिंभावली क्षेत्र के गांव दत्तियाना निवासी पिंटू ने सीएमओ को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी रेखा (45) दिव्यांग थीं। बीते वर्ष 26 फरवरी 2024 को प्रसव पीड़ा होने पर उसे हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां ऑपरेशन से प्रसव कराने के साथ ही चिकित्सक ने नसबंदी की भी सलाह दी। चिकित्सक की बातों पर भरोसा करते हुए परिवार ने प्रसव और नसबंदी दोनों कराए। परिजनों का कहना है कि इसके लिए 40 हजार रुपये भी अस्पताल को दिए गए थे।
नसबंदी के बाद भी ठहर गया गर्भ
पिंटू ने आरोप लगाया कि नसबंदी कराने के बावजूद उसकी पत्नी कुछ समय बाद दोबारा गर्भवती हो गईं। जब गर्भावस्था आठ माह की हो गई तो वह पत्नी को पुनः हापुड़ के उसी चिकित्सक को दिखाने पहुंचा। हालत नाजुक होने पर महिला को मेरठ रेफर कर दिया गया।
जन्म के बाद नहीं रुका रक्तस्राव
मेरठ मेडिकल कॉलेज में रेखा ने एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के बाद लगातार रक्तस्राव होने लगा, जिसे चिकित्सक नियंत्रित नहीं कर पाए। कई दिनों तक इलाज के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंततः महिला की मौत हो गई।
परिजनों में आक्रोश
मृतका के पति और परिजनों का आरोप है कि अगर चिकित्सक ने नसबंदी सही ढंग से की होती तो उनकी पत्नी को यह गर्भधारण न करना पड़ता और आज वह जिंदा होतीं। उन्होंने चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सक्षम अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग ने कही जांच की बात
सिखैड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित बैसला ने बताया कि इस तरह का मामला अब तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।









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