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नेता जी का धरना बन गया तमाशा, संजय गहलोत को समाजवादियों ने दिखाया ठेंगा, नेता जी रह गए अकेले



News Expert - Sushil Sharma 

हापुड़ - समाजवादी पार्टी के छात्र नेता संजय गहलोत शुक्रवार को दिनभर सुर्खियों में रहे। सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर एक दरोगा पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया, लेकिन जब मौके पर कार्यवाही हुई तो मामला पूरी तरह उलट गया। नेता जी के तेवर और उनकी बयानबाजी ने खुद उन्हें कठघरे में खड़ा कर दिया।


वारंटी छुड़ाने का दबाव बना था असली कारण

सूत्रों के अनुसार, पूरा विवाद उस समय खड़ा हुआ जब पुलिस ने “ऑपरेशन तलाश” के तहत एक वारंटी को गिरफ्तार किया। संजय गहलोत चौकी पर पहुंचे और नेताजी स्टाइल में पुलिस पर दबाव बनाते हुए वारंटी को छोड़ने की मांग करने लगे। चौकी पर तैनात दरोगा ने विनम्रता से समझाया कि न्यायालय के आदेश पर वारंटियों की गिरफ्तारी की जा रही है और इस प्रक्रिया में किसी का दबाव मानना संभव नहीं।


दरोगा को दी धमकी

दरोगा का जवाब सुनकर गहलोत आगबबूला हो उठे और धमकी भरे लहजे में बोले — “तुम मुझे जानते नहीं हो, मैं समाजवादी हूं। 2025 में भी समाजवादी असर रखते हैं और 2027 में समाजवादी पार्टी सत्ता में आ रही है।” दरोगा ने शांतिपूर्वक कहा कि कानून के तहत ही कार्रवाई हो रही है और इसमें किसी प्रकार की मनमानी संभव नहीं।


सोशल मीडिया पर दिखाया गुस्सा

इसी विवाद के बाद गहलोत ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर दरोगा पर अभद्रता का आरोप लगाया और सपा कार्यकर्ताओं को एसपी कार्यालय पर धरने के लिए बुला लिया। कार्यकर्ता भी पहुंचे, लेकिन जैसे-जैसे घटनाक्रम बदलता गया, विवाद उल्टा नेता जी पर ही भारी पड़ गया।


आपसी विवाद में बिखरे कार्यकर्ता

एसपी कार्यालय की ओर जाते समय ही सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में मतभेद उभर आए। जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर के समझाने पर संजय गहलोत ने एसएसवी कॉलेज के बाहर भाजपा कार्यक्रम में धरना देने का मन बदल लिया। कार्यकर्ता गहलोत की बदलती रणनीति से खफा हो गए और धीरे-धीरे उनका साथ छोड़ते चले गए। नतीजा यह हुआ कि छात्र नेता अकेले खड़े रह गए और गुस्से में बुरी तरह तमतमा उठे।


बयान बदलते रहे गहलोत

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि दरोगा के खिलाफ जो धरना देने का ऐलान किया था, उस पर अब क्या करेंगे तो गहलोत बार-बार बयान बदलते नजर आए। कभी बोले कि दरोगा ने हाथ जोड़कर माफी मांग ली, तो अब विरोध स्वतंत्र देव सिंह का करेंगे। बाद में उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यक्रम में लगे “मोदी-योगी जिंदाबाद” नारों का विरोध करने आए हैं।


सोशल मीडिया से हटाया वीडियो

धरना-प्रदर्शन फुस्स होने के बाद गहलोत ने वह वीडियो भी सोशल मीडिया से डिलीट कर दी, जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं को दरोगा के खिलाफ धरना देने बुलाया था।

राजनीतिक गलियारों में इसे गहलोत की “जल्दबाजी और गलत रणनीति” करार दिया जा रहा है।






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