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जर्जर तारों ने ली दो बेजुबानों की जान, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा – “अगर बच्चे होते तो?”

News Expert - Aarif Kassar 

धौलाना। हादसे कभी चेतावनी नहीं देते, और जब आते हैं तो जख्म गहरा छोड़ जाते हैं। धौलाना क्षेत्र के नारायणपुर बास्का की मड़ैया गांव में सोमवार को ऐसा ही मंजर देखने को मिला, जब बिजली विभाग की लापरवाही ने दो बेजुबान बकरियों की जान ले ली। करंट की चपेट में आईं बकरियां तड़प-तड़पकर दम तोड़ गईं और गांव में मातम सा माहौल बन गया।


जर्जर तार बने मौत का जाल

गांव के लोग पहले ही विभाग को बार-बार चेतावनी देते रहे थे कि बिजली की लाइनें जर्जर हो चुकी हैं, कभी भी हादसा हो सकता है। लेकिन अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। ग्रामीण चाँद की आंखों में आंसू थे जब उन्होंने कहा “अगर उस वक्त वहां हमारे बच्चे खेल रहे होते तो क्या होता? सोचकर ही रूह कांप जाती है।”


किसान संगठन ने उठाई आवाज

घटना के बाद किसान मजदूर संगठन के प्रदेश महासचिव ठाकुर ब्रहम सिंह राणा किसानों और ग्रामीणों को लेकर मौके पर पहुंचे। गुस्साए किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अवर अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह सिर्फ दो बकरियों की मौत नहीं है, बल्कि विभाग की लापरवाही का नतीजा है। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा निश्चित है।


मुआवजे और सुरक्षा की मांग

संगठन ने मांग की कि पीड़ित इंसाफ अली को मुआवजा मिले और पूरे गांव की जर्जर तारों को तुरंत बदला जाए। अवर अभियंता ने आश्वासन दिया कि मृत बकरियों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। साथ ही जल्द ही लाइन बदलने का भी वादा किया।


“सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए”

ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही तारों को नहीं बदला गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

मौके पर किसान मजदूर संगठन के युवा तहसील उपाध्यक्ष जावेद खान, चांद मोहम्मद, सुरेंद्र सिंह, मुन्ना सलमानी, अरमान, जसवीर सिंह राणा, मोहम्मद आरिफ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।





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