News Expert - Sushil Sharma
हापुड़। दीपावली से पहले ही जिले की हवा सांस लेना मुश्किल कर रही है। रविवार देर रात शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 310 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सोमवार सुबह भी यह 300 के करीब बना रहा। हवा में बढ़ते प्रदूषण के चलते हापुड़ अब विश्व के 20 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हो गया है।
पिछले दस दिनों में हवा की सेहत तेजी से बिगड़ी है। बीते सप्ताह तक जहां हापुड़ का AQI 180 से 200 के बीच था, वहीं अब यह 300 के पार पहुंच गया है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह गिरावट मौसम के बदलाव, खेतों में पराली जलने और वाहनों से निकल रहे धुएं के कारण हुई है। वहीं, दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली की रात में कुछ घंटे की आतिशबाजी से हवा में PM2.5 और PM10 कणों की मात्रा तीन से चार गुना तक बढ़ सकती है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, दीपावली की रात AQI 400 से 450 तक पहुंच जाता है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। इसका असर दो से तीन दिन तक हवा में बना रहता है।
डॉक्टर्स का कहना है कि वर्तमान स्थिति में प्रदूषण का स्तर सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने सलाह दी कि लोग सुबह और देर शाम बाहर निकलने से बचें, घरों में खिड़कियां बंद रखें और जरूरत पड़ने पर मास्क का प्रयोग करें। उन्होंने कहा— “PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं पैदा करते हैं।”
प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने बताया कि शहर में PM2.5 और PM10 कणों की मात्रा सामान्य सीमा से लगभग दो गुना दर्ज की गई है। विभाग ने निगरानी बढ़ाने और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की पहचान करने का निर्देश जारी किया है। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि अनावश्यक आतिशबाजी न करें, वाहनों का उपयोग कम करें और पर्यावरण के संरक्षण में सहयोग दें।
अधिकारियों का कहना है कि यदि वर्तमान स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो दीपावली के बाद AQI 400 तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाएं और ‘ग्रीन दिवाली’ मनाने की पहल करें।















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