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दो छात्राओं ने एआरटीओ बनते ही हिलाया सिस्टम

News Expert - Sushil Sharma 

हापुड़ - मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हापुड़ परिवहन विभाग में बुधवार का दिन खास रहा। इस दिन एआरटीओ (प्रवर्तन) और एआरटीओ (प्रशासन) का कार्यभार एक दिन के लिए स्कूल छात्राओं को सौंपा गया। दिल्ली पब्लिक स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा अर्श गोयल ने एआरटीओ (प्रवर्तन) का और आर्य कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा माही ने ने एआरटीओ (प्रशासन) का दायित्व संभाला।

दोनों छात्राओं ने अपने-अपने “एआरटीओ” पद का कार्यभार पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ संभाला। उन्होंने कार्यालय में सुबह पहुंचते ही सबसे पहले अटेंडेंस रजिस्टर की जांच की और यह देखा कि कितने कर्मचारी समय से उपस्थित हैं, कितने अवकाश पर हैं और कौन अनुपस्थित है। इसके बाद दोनों ने लाइसेंस बनवाने आए लोगों के कागजातों की जांच की। कागजातों में कमियां मिलने पर उन्होंने लोगों को समझाया कि आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कार्यालय का निरीक्षण और जनसुनवाई

छात्राओं ने पूरे कार्यालय का भ्रमण किया, लाइसेंस बनवाने आए नागरिकों से बातचीत की और पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत तो नहीं आ रही। कई लोगों ने छात्राओं की तत्परता और व्यवहार की सराहना की। छात्राओं ने एआरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली, फाइल प्रक्रिया, ड्राइविंग टेस्ट और प्रशासनिक कार्यों की गहराई से जानकारी ली।

इस दौरान एआरटीओ रमेश चौबे और पीटीओ आशुतोष उपाध्याय ने दोनों छात्राओं का स्वागत किया और उन्हें परिवहन विभाग के कार्यों, नियमों व जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया।

छात्रा अर्श गोयल ने कहा “आज का दिन मेरे जीवन का सबसे यादगार दिन है। जब मैंने एआरटीओ प्रवर्तन का पदभार संभाला तो लगा जैसे मैं वास्तव में किसी बड़ी जिम्मेदारी का हिस्सा हूं। मैंने समझा कि सरकारी कार्यालयों में जनता की सेवा के लिए नियमों का पालन कितना जरूरी है। मैं भविष्य में प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना चाहती हूं।”

छात्रा माही ने ने कहा “मिशन शक्ति ने हम जैसी छात्राओं को यह महसूस कराया कि लड़कियां किसी भी जिम्मेदारी को बखूबी निभा सकती हैं। मैंने एआरटीओ प्रशासन के पद पर रहकर दस्तावेज जांचे, कर्मचारियों से बात की और लोगों से जुड़ने का मौका मिला। यह अनुभव मेरे आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाने वाला रहा।”

एआरटीओ रमेश चौबे ने कहा “मिशन शक्ति अभियान के तहत यह पहल इस बात का उदाहरण है कि आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हमने छात्राओं को परिवहन विभाग के हर कार्य से परिचित कराया, लाइसेंस प्रक्रिया, वाहन पंजीकरण, प्रवर्तन नियम, प्रशासनिक प्रणाली और जनता से संवाद जैसी गतिविधियों की जानकारी दी। इस अनुभव से उन्हें शासन व्यवस्था की समझ बढ़ेगी और भविष्य में बेहतर नागरिक व अधिकारी बनने की प्रेरणा मिलेगी।”

पीटीओ आशुतोष उपाध्याय ने कहा “हमारा प्रयास है कि मिशन शक्ति जैसी योजनाओं के जरिए छात्राओं में आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित हो। आज की दोनों छात्राओं ने बेहद जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। उन्होंने दस्तावेज जांच, कार्यालय अनुशासन और नागरिक सुविधा जैसी बातों पर गंभीरता दिखाई। ऐसी पहलें न केवल समाज में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती हैं बल्कि आने वाली पीढ़ी को प्रशासनिक सोच और जिम्मेदारी के महत्व को भी समझाती हैं।”

दिनभर के इस विशेष कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व ने कार्यालय में नया उत्साह भर दिया। कर्मचारियों और अधिकारियों ने कहा कि ऐसी पहलें भविष्य की बेटियों को आगे बढ़ने का वास्तविक मंच प्रदान करती हैं।









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