News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - जनपद हापुड़ में वायु प्रदूषण ने स्थिति को बेहद चिंताजनक बना दिया है। पिछले 48 घंटों से शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के ऊपर बना हुआ है, जो सीधे तौर पर ‘हज़ार्डस’ श्रेणी में आता है। शुक्रवार देर रात प्रदूषण स्तर 513 तक पहुंच गया, जिसे विशेषज्ञ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक बता रहे हैं।शहर में दो दिनों से हवा इतनी खराब है कि सुबह-शाम सड़कों पर दृश्यता कम हो रही है। आसमान में धुंध, धुएं और धूल का ऐसा मिश्रण छाया है कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पतालों में आंखों में जलन, तेज खांसी, गले में खराश, और सांस फूलने की शिकायतों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।चिकित्सकों का कहना है कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो पहले से अस्थमा, दिल की बीमारी या फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अलावा छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भी प्रदूषित हवा के कारण खास परेशानी हो रही है।
हवा की गति बेहद कम होने के कारण प्रदूषित कण नीचे ही अटके हुए हैं।
औद्योगिक इकाइयों का उत्सर्जन,
वाहनों से निकलता धुआं,
और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल इन सभी ने मिलकर पिछले एक सप्ताह से हवा की गुणवत्ता को खराब कर दिया है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। एडीएम संदीप कुमार ने लोगों को सलाह दी है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, मास्क का उपयोग करें और सुबह की सैर फिलहाल बंद रखें।
हापुड़ में पिछले सात दिनों में वायु गुणवत्ता लगातार गिरावट दर्ज करती रही
15 नवंबर: AQI 300–350 (बहुत खराब)
16 नवंबर: 350–400
17 नवंबर: 400–450
18 नवंबर: 450–500
19 नवंबर: लगभग 500
20 नवंबर: कई बार 500 के ऊपर
21 नवंबर देर रात: 513 दर्ज
लगातार दो दिनों से AQI 500 का आंकड़ा पार कर रहा है, जिससे हालात सामान्य से निकलकर स्वास्थ्य आपात स्थिति में बदल रहे हैं।
















Post a Comment