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24 घंटे में हापुड़ में दो महिलाओं ने लगाई फांसी, गृहकलेश बना मौत की वजह

24 घंटे में हापुड़ में दो महिलाओं ने लगाई फांसी, गृहकलेश बना मौत की वजह

प्रशासन सन्न, महिला सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल

सुशील शर्मा 

हापुड़। जनपद में मात्र 24 घंटों के भीतर दो महिलाओं द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने जिले भर में सनसनी फैला दी है। दोनों ही मामलों में पारिवारिक कलह (गृहकलेश) को आत्मघाती कदम उठाने का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर महिलाएं मानसिक और पारिवारिक तनाव से निपटने में इतनी असहाय क्यों हो जाती हैं?

गढ़ क्षेत्र में युवती ने की आत्महत्या

मंगलवार को गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम नानपुर में 23 वर्षीय एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार मृतका गृहकलेश से परेशान थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।


बाबूगढ़ में विवाहिता ने फंदे से लटकाई जान

बुधवार सुबह बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के भड़ंगपुर गांव में 30 वर्षीय महिला का शव घर के मुख्य दरवाजे पर चुन्नी से लटका हुआ मिला। यह नजारा देख परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।
मृतका के पति मध्यप्रदेश की एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं। दोनों की यह दूसरी शादी थी और अभी तक कोई संतान नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच विवाद आम बात थी।

प्रशासन सख्त, महिला सुरक्षा के लिए सक्रियता के निर्देश

घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181 को ज्यादा प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। महिला कल्याण विभाग की टीमें भी दोनों गांवों में पहुंचकर तथ्यों की जांच कर रही हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू हिंसा की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो।


मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल, समाज में जागरूकता की कमी

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि महिलाओं में मानसिक दबाव व अवसाद के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन समय रहते काउंसलिंग या सहयोग न मिलने से वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की भारी कमी है।

जरूरत है संवाद और सहयोग की

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं को खुलकर बात करने और अपनी तकलीफ साझा करने का माहौल घर-परिवार से ही मिलना चाहिए। पंचायत और महिला समूहों को भी जागरूकता कार्यक्रमों में आगे आना होगा।


जरूरी संपर्क नंबर:

महिला हेल्पलाइन: 1090, 181

पुलिस आपातकालीन सेवा: 112

मानसिक स्वास्थ्य सहायता: 14416


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