रामलीला समिति का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, विनोद वर्मा निर्विरोध चुने गए प्रधान
अतिक्रमण हटाने और मैदान की व्यवस्था सुधारने का लिया संकल्प, संरक्षक अनिल आज़ाद ने दी स्पष्ट चेतावनी
सुशील शर्मा
हापुड़ - रविवार को रामलीला समिति हापुड़ का चुनाव बेहद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। 239 पंजीकृत सदस्यों ने मतदान प्रक्रिया में भाग लिया। इस दौरान चुनाव से पहले समिति के संरक्षक और चुनाव अधिकारी अनिल आज़ाद ने पिछले तीन वर्षों की आय-व्यय रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
इसके बाद नामांकन प्रक्रिया में केवल एकमात्र नाम विनोद वर्मा का सामने आया, जिसे सभी सदस्यों ने समर्थन देते हुए प्रधान पद पर निर्विरोध चुन लिया। चयन के साथ ही परिसर में “जय श्रीराम” के जयकारों से माहौल गूंज उठा।
🔹 विनोद वर्मा की प्राथमिकता: अतिक्रमण मुक्त रामलीला मैदान
नव-निर्वाचित प्रधान विनोद वर्मा ने घोषणा की कि उनकी प्राथमिकता रामलीला मैदान की साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाना, चारदीवारी बनवाना और धार्मिक गरिमा बनाए रखना होगी। उन्होंने मैदान के पास संचालित मीट-मछली की दुकानों को हटवाने के लिए प्रशासन से सहयोग लेने की बात कही।
🔹 अनिल आज़ाद ने कहा – “अब बर्दाश्त नहीं होगा मैदान का अपमान”
रामलीला समिति के संरक्षक और चुनाव अधिकारी अनिल आज़ाद ने चुनाव के बाद मंच से सख्त लहजे में कहा “रामलीला मैदान और शहीद स्मारक की जमीन पर जो लोग अतिक्रमण फैलाकर धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब समिति चुप नहीं बैठेगी। यह केवल धार्मिक आयोजन स्थल नहीं, हमारी आस्था और इतिहास की विरासत है। हम जिलाधिकारी से मिलकर इस विषय में स्पष्ट कार्यवाही की मांग करेंगे। उन्होंने कहा “हमने जनभागीदारी से रामलीला को जीवित रखा है। अब वक्त आ गया है कि समिति पूरी ताकत से मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराए, उसकी मर्यादा बनाए रखे और आने वाली पीढ़ी के लिए आदर्श रामलीला स्थल तैयार करे।”
📌 जल्द मिलेंगे डीएम से – अतिक्रमण व मीट की दुकानों पर कार्यवाही की तैयारी
अनिल आज़ाद और विनोद वर्मा दोनों ने बताया कि वे रामलीला मैदान के भीतर व शहीद स्तंभ के बाहर फैले अवैध अतिक्रमण, और मीट की दुकानों के मुद्दे पर डीएम से मिलकर ठोस कार्रवाई करवाएंगे।

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