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कांवड़ यात्रा, अपराध नियंत्रण व पुलिस कल्याण को लेकर डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश

कांवड़ यात्रा, अपराध नियंत्रण व पुलिस कल्याण को लेकर डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश

सैनिक सम्मेलन में सुनी पुलिसकर्मियों की समस्याएं, अपराध गोष्ठी में कांवड़ यात्रा तैयारियों की समीक्षा

सुशील शर्मा 

हापुड़ - पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी ने शुक्रवार को हापुड़ पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में सैनिक सम्मेलन व अपराध गोष्ठी का आयोजन कर जनपद स्तरीय पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर सहित समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी व निरीक्षक मौजूद रहे।

सैनिक सम्मेलन: पुलिसकर्मियों की समस्याओं का मौके पर हुआ निस्तारण

सम्मेलन में डीआईजी ने पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत, पारिवारिक और सेवा संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकतर मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। वेतन विसंगति, टीए-डीए, चिकित्सा सुविधा, अवकाश, मैस व बैरक व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया।


डीआईजी ने निर्देश दिए 

पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए प्रत्येक आवेदन की पुस्तिका बनाई जाए और नियमानुसार पत्रावलियां खोली जाएं।

थानों में साफ-सफाई व मरम्मत कार्य प्राथमिकता पर, श्रमदान भी अनिवार्य रूप से हो।

अनुशासनहीनता पर कठोरता व बीमार कर्मियों को चिकित्सकीय सुविधा शीघ्र मिले।

कांवड़ यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा

कांवड़ यात्रा के सुगम व शांतिपूर्ण संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए डीआईजी नैथानी ने कहा कि:

कांवड़ रजिस्टर अद्यतन रखें, रूट का निरीक्षण कर सभी संभावित चुनौतियों की सूची बनाएं।

सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन से निगरानी, मांस व मदिरा की दुकानों को शासनादेशानुसार बंद कराना सुनिश्चित करें।

सभी थाना प्रभारी संबंधित विभागों से पत्राचार करें, विशेषकर बिजली विभाग व नगर निकायों से।

सोशल मीडिया सेल एक्टिव हो, अफवाहों का तत्काल खंडन करें।


टोल कर्मियों, होटल-ढाबा प्रबंधकों व धार्मिक स्थलों के संचालकों के साथ मीटिंग अनिवार्य रूप से हो।

मोटरसाइकिल स्क्वॉड व पीए सिस्टम का बेहतर इस्तेमाल हो, साथ ही रेनकोट व संचार उपकरण पर्याप्त हों।

डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा के साथ मुहर्रम व जगन्नाथ यात्रा का आयोजन भी संभावित है, ऐसे में अंतरधार्मिक समन्वय व सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।

अपराध गोष्ठी: अपराधियों के खिलाफ टारगेटेड एक्शन की योजना

डीआईजी ने समीक्षा के दौरान अपराध के मामलों में ढिलाई पर असंतोष जताया और सख्त निर्देश दिए कि:

चोरी, लूट, गैंग अपराध व एनडीपीएस मामलों में निरोधात्मक कार्रवाई तेज हो।

पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर कार्यवाही सुनिश्चित हो।


फरार अपराधियों पर इनाम घोषित कर गिरफ्तारी सुनिश्चित कराएं।

मिशन शक्ति व एंटी रोमियो अभियान को नियमित रूप से चलाया जाए।

गन कल्चर पर रोक लगाते हुए वायरल वीडियो/फोटो पर एफआईआर अनिवार्य हो।

डीआईजी ने सभी विवेचकों को निर्देशित किया कि 6 माह से अधिक लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर विधिक निस्तारण कराएं, विशेषकर महिला व बालिकाओं से जुड़े मामलों में।

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