Top News

योग दिवस पर पुलिस अधिकारियों ने किया योगाभ्यास, डीआईजी बोले – योग तनाव रहित और अनुशासित जीवन की कुंजी

योग दिवस पर पुलिस अधिकारियों ने किया योगाभ्यास, डीआईजी बोले – योग तनाव रहित और अनुशासित जीवन की कुंजी

सुशील शर्मा 

मेरठ - शनिवार को 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मेरठ की रिजर्व पुलिस लाइन में विशेष योग सत्र का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मेरठ जोन भानु भास्कर एवं पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पुलिस अधीक्षक (एसपी), अन्य अधिकारियों और जवानों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया।


सुबह की हल्की धूप और शीतल हवा के बीच पुलिस लाइन का वातावरण अत्यंत अनुशासित और ऊर्जा से भरपूर नजर आया। हरे-भरे मैदान पर लाल रंग की योग मैट्स की कतारें सजी थीं, जिन पर पुलिसकर्मी एकरूपता में बैठकर योग आसनों का अभ्यास कर रहे थे। शांतिपूर्ण वातावरण में योग प्रशिक्षकों की गूंजती आवाज़ें और प्राणायाम के दौरान सामूहिक “ॐ” ध्वनि ने माहौल को आध्यात्मिक और स्फूर्तिदायक बना दिया।


डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा “पुलिस सेवा एक अत्यंत जिम्मेदारी भरा और चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसमें मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त रहना अत्यावश्यक है। योग न केवल शरीर को फिट रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन, धैर्य और आत्मनियंत्रण भी प्रदान करता है। यह हमारी कार्यशैली में अनुशासन, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।”


डीआईजी ने आगे कहा “आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में योग एक ऐसा माध्यम है जो न केवल तनाव को कम करता है, बल्कि निर्णय क्षमता और मानसिक स्पष्टता को भी बढ़ाता है। पुलिसकर्मियों को चाहिए कि वे रोज़ाना कुछ समय योग के लिए जरूर निकालें।”


एडीजी भानु भास्कर ने भी योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुलिस बल को फिट और सतर्क बनाए रखने के लिए योग एक शक्तिशाली औजार है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में पुलिस इकाइयों में नियमित योग सत्रों की व्यवस्था की जाए।

कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिसकर्मियों ने संकल्प लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और न केवल स्वयं को, बल्कि समाज को भी स्वस्थ एवं जागरूक बनाएंगे।




Post a Comment

Previous Post Next Post