एचपीडीए के खिलाफ नाराज़ परिवारों ने बच्चों संग दिया धरना
भीषण गर्मी में सड़कों पर बैठे लोग बोले— नहीं मिला मूलभूत सुविधाओं का अधिकार, बढ़ती अश्लीलता से बच्चों पर असर
सुशील शर्मा
हापुड़ - शुक्रवार को एचपीडीए कार्यालय के बाहर उस वक्त गर्मी से ज्यादा गुस्सा दिखा, जब आनंद विहार कॉलोनी के दर्जनों परिवार अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठ गए। धरना देने वाले लोगों का आरोप है कि एचपीडीए से स्वीकृत कॉलोनी होने के बावजूद न तो सड़कें हैं, न नाली, न साफ-सफाई की व्यवस्था।
प्रदर्शनकारी परिवारों ने प्रशासन की लापरवाही पर जमकर नाराजगी जताई और कहा कि झाड़ियों व गंदगी के कारण सांप घरों तक पहुंच जाते हैं, जिससे जान का खतरा बना रहता है।
“न बच्चों की सुरक्षा, न सम्मान की व्यवस्था”
धरने पर बैठी महिलाओं ने रोते हुए बताया "हमारे घरों के आसपास दिनभर अराजकता का माहौल बना रहता है। रोजाना प्रेमी जोड़े यहां आकर अश्लील हरकतें करते हैं। बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ता है। मना करने पर झगड़े की नौबत आ जाती है। एचपीडीए के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।”
एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी ने कहा "जब कॉलोनी एचपीडीए से पास है, तो फिर हमें बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिलतीं? हम इंसान हैं या जंगल में रहने को मजबूर नागरिक?"
अधिकारियों ने धरनास्थल पर बुलाकर सुनी बात, दिए आश्वासन
करीब तीन घंटे चले धरने के बाद एचपीडीए के एक अधिकारी ने प्रदर्शनकारी परिवारों को कार्यालय बुलाकर बातचीत की। उन्होंने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और कहा—
“सभी समस्याओं का निरीक्षण कर जल्द निराकरण किया जाएगा। कोई भी कॉलोनीवासी अब उपेक्षित महसूस नहीं करेगा।”

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