News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ (बाबूगढ़)- थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम उपैड़ा में दिनदहाड़े कथित लूट की सूचना से मंगलवार को पूरे गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासी द्वारा पुलिस को दी गई सूचना में दावा किया गया कि दो नकाबपोश बदमाश कलेक्शन एजेंट बनकर घर में घुसे और लाखों रुपये की नकदी व जेवरात लूट ले गए।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बाबूगढ़ मय पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और सतर्कता के साथ जांच शुरू की। घटनास्थल की बारीकी से तलाशी ली गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। परंतु जांच के दौरान जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया।
सीसीटीवी और तफ्तीश ने खोला राज, नहीं मिला कोई बाहरी मूवमेंट
पुलिस द्वारा घटनास्थल के आस-पास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन पड़ताल की गई, लेकिन फुटेज में घर के अंदर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही का कोई प्रमाण नहीं मिला। इससे पुलिस को घटना की सत्यता पर संदेह हुआ।
थाना प्रभारी ने जब पीड़ित कपिल कुमार से गहराई से पूछताछ की तो उसकी कहानी में लगातार विरोधाभास सामने आते गए। जब पुलिस ने उसे विश्वास में लेकर पूछताछ की, तब पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
कर्ज और सामाजिक दबाव बना कारण, खुद रची लूट की कहानी
पूछताछ में कपिल कुमार पुत्र सुरेन्द्र ने कबूल किया कि उसके पिता वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़े थे, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनावी खर्चों के कारण परिवार पर करीब 8-9 लाख रुपये का कर्ज हो गया। कर्ज देने वाले लगातार रुपये वापस मांग रहे थे, जिससे परिवार पर मानसिक दबाव था।
कपिल की मां गांव की एक महिला के साथ स्वयं सहायता समूह चलाती हैं। दिनांक 30 जुलाई को परिवार ने इंडियन बैंक, उपैड़ा शाखा से 1.10 लाख रुपये निकाले, जिसमें से 90 हजार रुपये समूह की अध्यक्ष सुमन को दे दिए गए, जबकि शेष 20 हजार रुपये घर लाए गए।
कपिल ने बताया कि घर लौटते समय उसके मन में यह ख्याल आया कि अगर चोरी की अफवाह फैलाई जाए तो कर्जदारों की सहानुभूति मिल सकती है और वे पैसे मांगना टाल सकते हैं। इसी सोच के चलते उसने घर पहुंचते ही सामान अस्त-व्यस्त किया और झूठा शोर मचाकर लूट की सूचना फैला दी।
गांववालों को बनाया गवाह, फिर पुलिस को दी झूठी जानकारी
कपिल के शोर मचाते ही गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। स्थिति का लाभ उठाते हुए कपिल ने उनके समक्ष भी लूट की कहानी दोहरा दी और पुलिस को फोन कर दिया।
हालांकि, पुलिस की सतर्कता, बारीकी से की गई पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल ने जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी।
माफीनामा देने के बाद दी गई चेतावनी
कपिल ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित माफीनामा पुलिस को सौंपा और भविष्य में ऐसा न करने की बात कही। पुलिस ने उसे कड़ी चेतावनी दी है कि अगर दोबारा इस प्रकार की भ्रामक सूचना या झूठी शिकायत की गई तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली की सराहना
इस पूरे प्रकरण में पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह के निर्देशन में थाना बाबूगढ़ की टीम ने जिस सूझबूझ, त्वरित रिस्पॉन्स और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे मामले का पर्दाफाश किया, उसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है।
पुलिस की तत्परता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि झूठे केस या अफवाह फैलाने की कोशिश अब छिप नहीं सकती, और ऐसी हरकतों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।







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