News Expert - Sushil Sharma
उत्तर प्रदेश शासन ने एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तेजतर्रार और जनप्रिय आईएएस अधिकारी मेधा रूपम को गौतमबुद्ध नगर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया है। वर्तमान में कासगंज की जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत मेधा रूपम को उनके उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हापुड़ से की थी डीएम की पारी की शुरुआत
आईएएस मेधा रूपम को जिलाधिकारी के रूप में पहला चार्ज वर्ष 2022 में हापुड़ जिले में मिला था। चार्ज संभालते ही उन्होंने जमीनी स्तर पर काम की शुरुआत की। सड़कों पर उतरकर लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के सख्त निर्देश दिए।
उनकी कार्यशैली बिल्कुल अलग और प्रभावशाली रही। हापुड़ के लोग आज भी उन्हें याद करते हैं। जब उनका स्थानांतरण ग्रेटर नोएडा हुआ, तो लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। आमजन का कहना था कि "ऐसी जनता के बीच पहुंचने वाली अधिकारी दोबारा शायद ही मिले।"
कासगंज में भी किया शानदार काम
इसके बाद उन्हें कासगंज जिले की कमान सौंपी गई, जहां उन्होंने जून 2024 से अब तक बेहतरीन कार्य कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया। जनसुनवाई, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और पारदर्शिता में उनके कार्यों की पूरे जिले में सराहना हुई।
ग्रेटर नोएडा में पहले भी निभा चुकीं अहम भूमिका
गौरतलब है कि मेधा रूपम पूर्व में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) के पद पर कार्य कर चुकी हैं। इस दौरान वह क्षेत्र में अपनी सक्रियता और जनता से जुड़ाव के लिए चर्चित रहीं। उन्हें जिले की भौगोलिक परिस्थितियों की अच्छी समझ है, जिसका लाभ अब प्रशासनिक निर्णयों में मिलेगा।
शासन का भरोसा, महिलाओं की दोहरी कमान
गौतमबुद्ध नगर में मेधा रूपम की नियुक्ति के साथ ही जिले में दो शीर्ष पदों पर महिलाएं तैनात हो गई हैं। डीएम के रूप में मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर के रूप में लक्ष्मी सिंह – यह जिले में महिला नेतृत्व का सशक्त उदाहरण है।
प्रयागराज भेजे गए मनीष कुमार वर्मा
वहीं, वर्तमान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा का तबादला प्रयागराज के जिलाधिकारी पद पर किया गया है। वर्मा का कार्यकाल भी जिले में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा।






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