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जन्माष्टमी पर मेरठ ज़ोन में पुलिस का कड़ा पहरा 2685 जवान, पीएसी और सीसीटीवी निगरानी से सुरक्षा फुलप्रूफ


News Expert - Sushil Sharma 

मेरठ - आगामी 16 अगस्त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परिक्षेत्र के जनपदों में मंदिरों, शोभायात्राओं और मेलों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं।

यह पर्व मुख्य दिन से लेकर अगले छह दिन तक कई स्थानों पर झांकियों, शोभायात्राओं और मेलों के आयोजन के साथ मनाया जाता है। भीड़भाड़ और संवेदनशील माहौल को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

भारी पुलिस बल की तैनाती

त्योहार के दौरान 06 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 सीओ, 84 निरीक्षक, 581 उपनिरीक्षक, 797 मुख्य आरक्षी, 780 आरक्षी, 412 होमगार्ड/पीआरडी जवान और एक कंपनी पीएसी सहित कुल 2685 पुलिसकर्मी मुस्तैद रहेंगे। परिक्षेत्र में 93 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं—मेरठ में 14, बुलंदशहर में 28, बागपत में 27 और हापुड़ में 24।

संवेदनशील मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर नजर

त्योहार के रूट में 35 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। 292 मंदिरों में विशेष कार्यक्रम होंगे, जबकि 23 स्थानों पर भंडारे और अन्य धार्मिक आयोजन होंगे। साथ ही 83 एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय रहेंगे।


साम्प्रदायिक सौहार्द और विवादों पर सख्ती

डीआईजी ने निर्देश दिए हैं कि परंपरा से हटकर शोभायात्रा, विवादित स्थानों पर झांकियों की स्थापना या जबरन चंदा वसूली जैसे मामलों को पहले ही सुलझा लिया जाए। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतते हुए पर्याप्त महिला व पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

मटकी फोड़ कार्यक्रमों के लिए अलग सुरक्षा

मटकी फोड़ स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ आयोजकों से सुरक्षा के लिए जाल और अन्य इंतजाम कराने को कहा गया है। शोभायात्रा मार्गों का पूर्व निरीक्षण कर ढीले विद्युत तार दुरुस्त कराए जाएंगे।

तकनीक का इस्तेमाल और निगरानी

सभी कार्यक्रमों को सीसीटीवी कैमरे से कवर किया जाएगा। आयोजकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हों। हर झांकी, मेला और कार्यक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी।

भीड़ नियंत्रण और महिला सुरक्षा पर जोर

भीड़भाड़ वाले स्थलों पर बैरिकेडिंग, पिकेट ड्यूटी और पैदल गश्त की व्यवस्था होगी, ताकि महिलाओं के साथ छेड़छाड़, जेबतराशी या झपटमारी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

सोशल मीडिया पर भी पैनी निगरानी

अफवाह फैलाने या साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत रोक लगाने और उन्हें हटाने के लिए भी टीमों को सक्रिय रखा गया है।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा "हमारा प्रयास है कि जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और भाईचारे के माहौल में सकुशल संपन्न हो। किसी भी प्रकार की अराजकता या विवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस बल पूरी तरह सतर्क और तैयार है।"






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